Indira Kala Sangeet Vishwavidyalaya Khairagarh Chhattisgarh : पूरा इतिहास

Indira Kala Sangeet Vishwavidyalaya Khairagarh main campus building Chhattisgarh

Indira Kala Sangeet Vishwavidyalaya Khairagarh Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में स्थित इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में कला और संगीत शिक्षा के लिए प्रसिद्ध है। यह एशिया का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है, जो पूरी तरह से संगीत और ललित कलाओं को समर्पित है।

रायपुर से लगभग 140 किमी और डोंगरगढ़ से करीब 40 किमी की दूरी पर स्थित यह विश्वविद्यालय सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है।

 

🏰 खैरागढ़ रियासत और स्थापना का इतिहास-

स्वाधीनता से पहले खैरागढ़ एक रियासत हुआ करती थी। यहां की राजकुमारी राजकुमारी इंदिरा को संगीत से अत्यधिक लगाव था।

उनकी स्मृति को जीवित रखने के लिए उनके माता-पिता राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह और रानी पद्मावती देवी ने अपने राजमहल “कमल विलास पैलेस” को संगीत महाविद्यालय की स्थापना के लिए दान कर दिया।

👉 इस प्रकार वर्ष 1944 में इसकी स्थापना एक संगीत महाविद्यालय के रूप में हुई, जिसे 1956 में विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।

 

🎼 विश्वविद्यालय की विशेषताएं-

यह विश्वविद्यालय भारत के प्रमुख कला संस्थानों में से एक है और देशभर के लगभग 46 महाविद्यालय इससे संबद्ध हैं। यहां देश-विदेश से छात्र कला और संगीत की शिक्षा प्राप्त करने आते हैं।

📚 प्रमुख विषय:

• शास्त्रीय संगीत (हिन्दुस्तानी एवं कर्नाटक)

• वाद्य संगीत (सितार, सरोद, तबला, वायलिन, वीणा)

• नृत्य कला (भारतीय शास्त्रीय एवं लोक)

• चित्रकला एवं मूर्तिकला

• आदिवासी एवं लोक कला

🎤 विशेष प्रशिक्षण:

• ख्याल, ठुमरी, द्रुपद, दादरा

• तबला, पखावज, मृदंगम

 

🖼️ मुख्य आकर्षण-

• पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गैलरी

• चित्रकला एवं मूर्तिकला संग्रह

• 43,000 से अधिक पुस्तकों वाला पुस्तकालय

• ऑडियो-वीडियो संग्रह

 

🏅 प्रसिद्ध हस्तियों को सम्मान-

विश्वविद्यालय ने कई महान कलाकारों को मानद उपाधि से सम्मानित किया है, जिनमें शामिल हैं:

• पंडित रवि शंकर

• लता मंगेशकर

• रुक्मिणी देवी अरुंडेल

• एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी

• उस्ताद अलाउद्दीन खान

 

🗺️ आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थल-

📍 गंडई (Gandai)

खैरागढ़ से लगभग 30 किमी दूर स्थित गंडई ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है।

• 13वीं शताब्दी का प्राचीन शिव मंदिर

• त्रिरथ शैली की वास्तुकला

• नटराज और त्रिपुरांतक शिव की मूर्तियां

यह क्षेत्र प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

 

🏨 खैरागढ़ में ठहरने की सुविधा-

• विश्राम गृह

• धर्मशाला

• नजदीकी राजनांदगांव में होटल्स उपलब्ध

 

🚗 खैरागढ़ कैसे पहुंचे?

✈️ वायु मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा रायपुर है, जो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद आदि शहरों से जुड़ा है।

🚆 रेल मार्ग: नजदीकी रेलवे स्टेशन:

• राजनांदगांव

• डोंगरगढ़

🛣️ सड़क मार्ग: राजनांदगांव से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।

 

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