चित्रकोट जलप्रपात - छत्तीसगढ़ पर्यटन स्थल

चित्रकोट जलप्रपात भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर ज़िले में स्थित एक जलप्रपात है। इस जल प्रपात की ऊँचाई लगभग 90 फुट और चौड़ाई लगभग 980 फुट है । जगदलपुर से 39 किमी दूर इन्द्रावती नदी पर यह जलप्रपात बनता है। समीक्ष कों ने इस जल प्रपात को आनन्द और आतंक का मिलाप कहा है। 90 ऊपर से इन्द्रावती की ओजस्विन धारा गर्जना करते हुये गिरती है।


90 फुट की उचाई से गिरती जल धारा काफी मनमोहक ध्वनि उत्पन्न करती है 



सधन वृक्षों एवं विंध्य पर्वतमालाओं के मध्य स्थित यह जलप्रपात दिखने में बेहद सुंदर लगता है इस जल प्रपात से गिरने वाली विशाल ( इन्द्रावती नदी ) जल पर्यटकों का मन मोह लेती है। 'भारतीय नियाग्रा' के नाम से प्रसिद्ध चित्रकूट जलप्रपात वैसे तो प्रत्येक मौसम में दर्शनीय है, परंतु वर्षा ऋतु में इसे देखना अधिक रोमांचकारी अनुभव होता है। वर्षा में 90 फुट की ऊंचाई से विशाल जलराशि की गर्जना उमंग और उत्साह पैदा कर देती है। अलग-अलग अवसरों पर इस जलप्रपात से कम से कम तीन और अधिकतम सात धाराएँ गिरती हैं। रात में इस जगह को पूरा रोशनी के साथ प्रबुद्ध किया गया है। यहाँ के झरने से गिरते पानी के सौंदर्य को पर्यटक रोशनी के साथ देख सकते हैं।


मौसम के हिसाब से बढते और घटते बहते जल के साथ इसकी खूबसूरती में परिवर्तन होती रहती है 



इस जलप्रपात की विशेषता यह है कि वर्षा के दिनों में यह रक्त लालिमा लिए हुए होता है, तो गर्मियों की चाँदनी रात में यह बिल्कुल सफ़ेद दिखाई देता है। हालांकि छत्तीसगढ़ राज्य में और भी बहुत-से जलप्रपात हैं, किन्तु चित्रकूट जलप्रपात सभी से बड़ा है। चित्रकूट जलप्रपातकांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित दो झरनों में से एक है, दूसरा तीरथगढ़ झरना है।

आकार में यह झरना घोड़े की नाल के समान है और इसकी तुलना विश्व प्रसिद्ध नियाग्रा झरनों से की जाती है।

अपने घोड़े की नाल के आकार के कारण, यह नियाग्रा फॉल्स के साथ तुलना की जाती है और इसे सोबरीक a द स्मॉल नियाग्रा फॉल्स में दिया जाता है।  जुलाई और अक्टूबर से बारिश के मौसम में, झरने से धुंध पर प्रतिबिंबित होने वाली सूरज की किरणों से इंद्रधनुष बनते हैं।


घोड़े की नाल के आकार का 


अन्य स्थल

चित्रकूट जलप्रपात के बाएं किनारे पर, एक छोटा  हिंदू मंदिर जो भगवान शिव को समर्पित है और इसके बाएं ओर किनारे पर भगवान् शिव ज़ी की मन्दिर के साथ-साथ अनेकों प्राकृतिक गुफाएं भी हैं, जिन्हें पार्वती गुफाएं कहा जाता है।

तीरथगढ़ वाटरफाल्स - यह भी एक वाटरफाल जो चित्रकूट वॉटरफॉल से छोटा है पर खूबसूरती भी काफी मनमोहक है

जगदलपुर - बस्तर स्थित यह प्यारा सा गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और नजारों के लिए जाना जाता है। यह बस्तर का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है और बड़ी संख्यां में लोग यहां घूमने आते हैं। इसलिए यहां की अर्थव्यवस्था के लिए भी यह स्थान काफी महत्व रखता है।

इन्द्रावती नदी - दरअसल, यह गोदावरी नदी से निकलने वाली एक जलधारा है, जो जगदलपुर में पश्चिमी दिशा से प्रवेश करती है। इसे देख कर लगता है मानो यह नदी कितनी गंभीरता से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। यहां की ऊंची-ऊंची पहाड़ी चोटियां बरसात के दिनों में और भी भव्य और मनमोहक लगने लगती हैं।

 

पहुच मार्ग

जगदलपुर से 40 कि.मी. और रायपुर से 273 कि.मी. की दूरी पर स्थित यह जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा, सबसे चौड़ा और सबसे ज्यादा जल प्रवाहित करने वाला जलप्रपात है।

 अगर आप  हवाई जहाज या ट्रेन से यहाँ आते है तो आपको रायपुर आना होगा यहाँ से फिर आप को कई सारी कार, बस या ऑटो  मिल जायेंगे चित्रकूट( बस्तर ) आने के लिए.

अगर आप अपने साधन रोड के माध्यम से आना चाहे तो आप को यहाँ पहुचने के लिए छत्तीसगढ़ से लगे हर राज्यों से रोड के माध्यम से जुडा हुआ है


हमारी राय 

अगर आप छत्तीसगढ़ के किसी भी कोने से है तो एक बार यहाँ जरुर आना आप को हमारे छतीसगढ़ की खूबसूरती देखने का नायब मौका मिलेगा,

हा और अगर आप जुलाई या अक्टूबर के महिने में यहाँ आते है तो आपको इसकी खूबसूरती दुगनी नजर आयेगी


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