मरही माता मंदिर भनवारटंक (Marhi Mata Temple) – पूरा इतिहास और जानकारी 2026

मरही माता मंदिर भनवारटंक छत्तीसगढ़
 

मरही माता मंदिर भनवारटंक – इतिहास, आस्था और सम्पूर्ण जानकारी 2026: मरही माता मंदिर (Marhi Mata Temple) छत्तीसगढ़ के घने जंगलों के बीच स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भनवारटंक रेलवे स्टेशन के पास स्थित है, जो गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला और बिलासपुर के बीच पड़ता है। यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के कारण पिकनिक स्पॉट के रूप में भी प्रसिद्ध है।

मरही माता मंदिर की महिमा और श्रद्धालुओं की आस्था: मरही माता पूरे छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। दोनों नवरात्रि में यहां ज्योति कलश स्थापित किए जाते हैं। श्रद्धालु नारियल बांधकर मन्नत मांगते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर पुनः दर्शन के लिए अवश्य आते हैं। नवरात्रि के समय यहां भारी भीड़ देखी जाती है।

रेलवे ट्रैक के पास स्थित अनोखा मंदिर: मरही माता मंदिर रेलवे ट्रैक के बिल्कुल पास स्थित है। कहा जाता है कि यहां से गुजरने वाली ट्रेनें अपनी गति धीमी कर लेती हैं और यात्री माता का जयकारा लगाते हैं। यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। पहले यहां केवल कुछ दुकानें थीं, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से अब कई दुकानें खुल चुकी हैं।

मरही माता मंदिर का इतिहास: मरही माता विकास समिति के अनुसार मंदिर का इतिहास लगभग 100 वर्ष पुराना माना जाता है। 1984 में इंदौर–बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस रेल दुर्घटना के बाद मंदिर के वर्तमान स्वरूप का निर्माण किया गया। रेलवे कर्मचारियों द्वारा यहां माता की मूर्ति स्थापित की गई। ट्रस्ट का गठन 1995 में किया गया। मंदिर परिसर में दो स्थानों पर अखंड दीप जलते रहते हैं – माता के समीप तथा समाधि स्थल के पास। यहां स्थित पत्थर पर संवत 1917 अंकित बताया जाता है।

बली प्रथा पर रोक: लगभग 25 वर्ष पूर्व मंदिर समिति ने पशु बलि प्रथा पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी। अब श्रद्धालु केवल पशु को माता के दर्शन कराकर, हार-फूल चढ़ाकर वापस ले जाते हैं। यह सामाजिक और धार्मिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

मंदिर परिसर में अन्य देव स्थल: मरही माता मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताओं के मंदिर भी बने हुए हैं जैसे साईं बाबा, हनुमान, दुर्गा, शिव, पार्वती तथा संतोषी माता। यहां समय-समय पर भंडारा और दीप ज्योति का आयोजन भी किया जाता है।

मरही माता मंदिर कैसे पहुँचे? (How to Reach Marhi Mata Temple)

मरही माता मंदिर (Marhi Mata Temple) छत्तीसगढ़ के घने जंगलों के बीच स्थित है और यह भनवारटंक रेलवे स्टेशन के बिल्कुल पास बना हुआ है। यहाँ पहुँचने के कई आसान मार्ग उपलब्ध हैं।

रेल मार्ग से: मरही माता मंदिर पहुँचने का सबसे आसान तरीका रेल मार्ग है। निकटतम स्टेशन भनवारटंक रेलवे स्टेशन है। यह स्टेशन बिलासपुर – कटनी रेल मार्ग पर स्थित है। स्टेशन से मंदिर पैदल दूरी पर है। कई यात्री ट्रेन से उतरकर सीधे माता के दर्शन करने पहुँचते हैं।

सड़क मार्ग से: आप सड़क मार्ग से भी आसानी से पहुँच सकते हैं। निकटतम प्रमुख शहर बिलासपुर है। दूरी लगभग 80–90 किमी (मार्ग अनुसार) है। निजी वाहन या टैक्सी से पहुँचना सुविधाजनक रहता है। जंगल क्षेत्र होने के कारण रात में यात्रा करने से बचें।

हवाई मार्ग से: निकटतम हवाई अड्डा स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट है। वहाँ से सड़क मार्ग द्वारा बिलासपुर होते हुए भनवारटंक पहुँचा जा सकता है।

यात्रा के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें: क्षेत्र घने जंगलों से घिरा है। रात में वन्यजीवों की संभावना रहती है। नवरात्रि के समय अत्यधिक भीड़ होती है। पानी और आवश्यक सामान साथ रखें।

मरही माता मंदिर का सही पता: मरही माता मंदिर, भनवारटंक रेलवे स्टेशन के पास, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला, छत्तीसगढ़,

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