क्या आपने देखा है छत्तीसगढ़ का छाता पहाड़? गुरु घासीदास जी से जुड़ा पवित्र स्थल : Chhata Pahad Girodhpuri Baloda Bazar Chhattisgarh

छाता पहाड़ गिरौदपुरी धाम बलौदा बाजार छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक और धार्मिक स्थल
छाता पहाड़, गिरौदपुरी धाम – गुरु घासीदास जी की पवित्र तपोस्थली
 
Chhata Pahad Chhattisgarh 2026: बलौदा बाजार से लगभग 50 किलोमीटर व प्राचीन भूमि शिवरीनारायण से लगभग 15 किलोमीटर की दुरी पर गिरौदपूरी धाम में स्थित है छातापहाड़, जो बलौदा बाजार जिले का महत्वपूर्ण दर्शनीय स्‍थल और सतनाम पंथ के प्रर्वतक गुरू घासीदास जी की तपोस्‍थली है।
 
यहा आपको सभी धर्म के लोग देखने को मिलेंगे, यहा सब बिना किसी भेद भाव के आपस में बड़े प्यार से रहते है। यहा आने वाले के दिल में धार्मिक आस्‍था होती है तो ओ नारियल फूल लेकर भक्ति करने आते है, नही तो छातापहाड़ और जैतखाभ की खूबसूरती देखने मेला घूमने पहुंच जाते है।
 
छाता पहाड़ गिरौधपुरी धाम का भूगोल:
छाता पहाड़ गिरौदपूरी के मुख्‍य मंदिर से लगभग 8 कि.मी. की दूरी पर सोनाखान रेंज ( बारनवापारा अभ्‍यारण्‍य ) के घनघोर जंगल में स्थित हैं, यहा तक पहुंचने के लिये पक्की सड़क बनी हुई है, जिसमे आप अपने वाहनों के माध्यम से आ-जा सकते हैं। घने जंगलो के बीच यहा एक छोटा सा पहाड़ है जिसे छाता पहाड़ कहते है, पहाड़ के बगल में महानदी से मिलने वाली जोंक नदी चलती हैं, जो यहा की सुंदरता पे चार चांद लगा देती है। पास ही में छोटा सा जलाशय भी है जिसके बारे में हम आगे विस्तार से बताएंगे।
 
आखिर क्यों कहते है छाता पहाड़:
यहा आपको एक बहुत बड़ा पत्‍थर देखने को मिलता है जो एक बड़े छतरी के समान दिखाई देता है, इसी के चलते इसे छाता पहाड़ कहते हैं, माना जाता हैं की इसी पहाड़ के नीचे गुरु घासीदास जी ने तप किया था, जिसके प्रमाण स्वरूप यहा आपको उनकी गद्दी देखने को मिल जायेगी।
 
गुरू घासीदास जयन्‍ती के दिन लगता है भव्य मेला:
दिसंबर के मौसम मे गुरू घासीदास जी की जयन्‍ती मनायी जाती हैं, जिसे स्थानीय लोग बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाते हैं, गिरौदपूरी के इस पावन धाम में मेला का अयोजन भी किया जाता हैं, जिसमे लोगो की काफी भीड़ उमड़ती है यहा कुतुबमीनार से भी उंचा जैतखाम है जिसे देखने लोग दूर – दूर से आते है।
 
 
छोटा सा जलाशय है आकर्यषण का केंद्र:
छाता पहाड़ के पास एक छोटा सा जलाशय भी देखने को मिलता है, यह जलाशय जंगली जानवरो के पानी पीने के लिए हैं, और कभी कभी यहा बारनवापारा अभ्‍यारण्‍य के कई जानवर पानी पीते आपको दिखाई दे सकते है।
 
यहा लोग आते है पिकनिक मनाने:
यहां लोग धार्मिक आस्‍था से तो आते ही हैं, साथ ही वे यहां पिकनिक मनाने के लिए भी आते हैं, गिरौदपूरी बलौदा बाजार जिले का ही नहीं बल्कि पुरे छत्‍तीसगढ़ के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्‍थलों में से एक हैं,
 
पास में है जैतखाम:
भारत का सबसे ऊंचा स्तंभ जैतखाम की दूरी लगभग 8 किलोमीटर है। इस जैतखाम का निर्माण रमन सिंह के शासनकाल में 2008 से 2012 तक लगभग 50 करोड़ रुपए के लागत में कराया गया था, जिसकी ऊंचाई करीब 77 मीटर अर्थात् 243 फीट है, कुतुबमीनार जिसकी ऊंचाई 72.5 मीटर अर्थात् 237 फीट है से भी 6 फीट ऊंची है। जिसकी छोटी तक आप सीढ़ियों के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते है, वैसे तो उपर जाने के लिए लिप्त भी है लेकिन वह सिर्फ vip लोगो के लिए है।
 
 
कुछ सवाल आपसे पूछे जा सकते है आइये हम इनके जवाब जाने :
 
1.छातापहाड़ किस जिले में स्थित है ?
उत्तर : छातापहाड़ बलोदा बाज़ार जिले में स्थित है।
 
2.रायपुर मुख्यालय से छातापहाड़ गिरौधपुरी धाम की दुरी कितनी है ?
उत्तर : रायपुर मुख्यालय से छातापहाड़ गिरौधपुरी धाम की दुरी लगभग 130 किलोमीटर है।
 
3. छातापहाड़ गिरौधपुरी धाम में क्या क्या देखने को मिलते है ?
उत्तर : यहा हमें नदी, जगल, पहाड़, जैतखाम और छोटे बड़े गार्डन देखने को मिलते है |
 
छातापहाड़ गिरौधपुरी धाम कैसे पहुंचे :
सड़क मार्ग – छातापहाड़ गिरौधपुरी धाम तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क आपको आसानी से मिल जायेगी जिससे आप अपने वाहनों के माध्यम से पहुंच सकते हैं। यह बलौदा बाजार से लगभग 50 किलोमीटर व राजधानी रायपुर से लगभग 120 किलोमीटर की दुरी पर है|
 
रेल मार्ग – छातापहाड़ गिरौधपुरी धाम से सबसे निकतम रेलवे स्टेशन है, भाटापारा रेलवे स्टेशन जिसकी दुरी लगभग 70 किलोमीटर है |
 
हवाई मार्ग – छातापहाड़ गिरौधपुरी धाम से सबसे निकटतम हवाई अड्डा है, रायपुर हवाई अड्डा है जिसकी दूरी लगभग 125 किलोमीटर है |
 
हमारी राय :
अगर आप बलौदा बाजार जिले से या फिर जांजगीर चांपा जिले से है तो यह जगह पुरे परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए एक बेहेतर सुझाव हो सकता है, अगर आप छत्तीसगढ़ के किसी भी कोने से हो फिर भी आपको एक बार यहा घूमने आना चाहिए यहा आपको छाता पहाड़ के अलावा चैतखभ भी देखने को मिलता है जिसकी ऊंचाई बेहद जायदा है और आप इसकी चोटी पर चढ़ सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *