# cginfo.in > information of Chhattisgarh ## Posts - [Chhattisgarh Famous Temple और उनकी पूरी जानकारी](https://www.cginfo.in/chhattisgarh-famous-temples-and-their-complete-information/):   छत्तीसगढ़… जहाँ सिर्फ जंगल और झरने ही नहीं, बल्कि आस्था की गहराई भी देखने को मिलती है। यहाँ हर पहाड़, हर नदी और हर शहर में कोई न कोई मंदिर छुपा है, जो सदियों से लोगों की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। अगर आप “chhattisgarh famous temples” सर्च कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए एक पूरी गाइड है।   🛕1. Mahamaya Temple Ratanpur छत्तीसगढ़ का सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर, जहाँ माँ महामाया की पूजा होती है। •माना जाता है कि यह शक्तिपीठों में शामिल है •नवरात्रि में विशाल मेला लगता है •इतिहास कलचुरी राजाओं से […] - [Mainpat Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ का शिमला | मैनपाट घूमने की पूरी जानकारी](https://www.cginfo.in/mainpat-chhattisgarh-complete-information-about-visiting-shimla-mainpat-of-chhattisgarh/): 🌄 मैनपाट, छत्तीसगढ़: प्रकृति, इतिहास और शांति का अद्भुत संगम: छत्तीसगढ़ की धरती केवल जंगलों और मैदानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ ऐसी प्राकृतिक धरोहरें भी हैं जहाँ ठंडी हवा, बादलों से ढकी पहाड़ियाँ और अपार शांति देखने को मिलती है। इन्हीं अनोखी जगहों में से एक है मैनपाट (Mainpat Chhattisgarh), जिसे लोग प्यार से “छत्तीसगढ़ का शिमला” भी कहते हैं। सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और सुकून की तलाश करने वालों के लिए एक आदर्श स्थल है।   🗺️ मैनपाट का ऐतिहासिक एवं भौगोलिक परिचय : मैनपाट छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में स्थित एक विस्तृत […] - [जांजगीर चांपा के प्राचीन मंदिर: विष्णु मंदिर, नकटा मंदिर और एक रात में बनने की कहानी](https://www.cginfo.in/janjgir-champas-ancient-temple-vishnu-temple-nakata-temple-and-the-story-of-its-construction-in-one-night/): छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन सभ्यता, कला और आस्था का अद्भुत संगम रही है। इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों में जांजगीर चांपा का नकटा मंदिर, जिसे विष्णु मंदिर जांजगीर चांपा के नाम से भी जाना जाता है, अपनी अधूरी संरचना के बावजूद आज भी लोगों को चकित करता है। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि कल्चुरी कालीन स्थापत्य, लोककथाओं और रहस्यों का जीवंत प्रमाण है।   नकटा मंदिर जांजगीर चांपा का ऐतिहासिक परिचय: नकटा मंदिर जांजगीर चांपा का निर्माण 11वीं–12वीं शताब्दी में कल्चुरी वंश के प्रतापी शासक राजा जाज्वल्य देव प्रथम के शासनकाल में प्रारंभ हुआ माना जाता है। यह मंदिर […] - [दुर्गेश नाई कौन है कहा रहता है, कैसे हासिल की प्रसिद्धी](https://www.cginfo.in/%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/): •परिचय (Introduction) : दुर्गेश नाई की कहानी केवल एक सोशल मीडिया वायरल स्टार की नहीं, बल्कि एक आम इंसान की असाधारण सफर की मिसाल है। छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव चोरभट्ठी से ताल्लुक रखने वाले दुर्गेश नाई ने अपनी मेहनत, हास्य और देसी अंदाज से लाखों दिलों में जगह बनाई है। एक साधारण नाई की दुकान से शुरू होकर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अपने वीडियो के ज़रिए उन्होंने जो पहचान बनाई है, वह आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है Durgesh Naai Chhattisgarh: सोशल मीडिया के इस दौर में हर दिन कोई न कोई वायरल होता दिखाई देता है। […] - [गंगा मैया मंदिर बालोद: मछुआरे के सपने से प्रकट हुई माता, जानिए पूरी चमत्कारी कहानी](https://www.cginfo.in/ganga-maiya-mandir-balod-chhattisgarh/): गंगा मैया मंदिर बालोद, छत्तीसगढ़ (Ganga Maiya Balod Chhattisgarh): एक प्राचीन और आस्था से जुड़ा हुआ प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बालोद–दुर्ग मार्ग के पास झलमला क्षेत्र में स्थित है और अपनी चमत्कारी कथा व ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि गंगा मैया मंदिर की कहानी लगभग 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी है। नवरात्रि के अवसर पर यहाँ विशेष पूजा, ज्योति कलश स्थापना और भव्य धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिनमें दूर-दराज़ से श्रद्धालु माँ गंगा के दर्शन के लिए पहुँचते हैं।   Ganga maiya mandir balod durg का इतिहास : छत्तीसगढ़ की बालोद […] - [काफी रोचक है शिशुपाल पर्वत का इतिहास, Shishupal Mountain Mahasamund Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/shishupal-parvat-mahasamund/):   शिशुपाल पहाड़ अथवा बुढ़ा डोंगर: छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद जिले में स्थित सराईपाली से करीब 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है बेहद ही खूबसूरत पहाड़ी शृंखला, जिसे बुढ़ा डोंगर के नाम से भी जाना जाता है, डोंगर अर्थात पर्वत इस पर्वत का क्षेत्रफल करीब 10 किलोमीटर है। इसकी सबसे ऊंची चोटी को क्षेमाखुटी के नाम से भी जानते हैं।   घोड़ाधार जलप्रपात (Ghodadhar Waterfall): पर्वत के पूर्वी हिस्से में एक घोड़ाधार जलप्रपात स्थित है, जो कि सदाबहार ना होकर एक मौसमी जलप्रपात है। यह करीब 300 मीटर ऊंचा है। घोरघाट जलाशय जो कि इस शिशुपाल पर्वत के पास ही […] - [Indira Kala Sangeet Vishwavidyalaya Khairagarh Chhattisgarh : पूरा इतिहास](https://www.cginfo.in/indira-kala-sangeet-vishwavidyalaya-khairagarh-chhattisgarh/): Indira Kala Sangeet Vishwavidyalaya Khairagarh Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में स्थित इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में कला और संगीत शिक्षा के लिए प्रसिद्ध है। यह एशिया का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है, जो पूरी तरह से संगीत और ललित कलाओं को समर्पित है। रायपुर से लगभग 140 किमी और डोंगरगढ़ से करीब 40 किमी की दूरी पर स्थित यह विश्वविद्यालय सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है।   🏰 खैरागढ़ रियासत और स्थापना का इतिहास- स्वाधीनता से पहले खैरागढ़ एक रियासत हुआ करती थी। यहां की राजकुमारी राजकुमारी इंदिरा को संगीत से अत्यधिक लगाव था। […] - [छत्तीसगढ़ की पारम्परिक व्यंजन : गढ़ कलेवा रायपुर छत्तीसगढ़, gadh kalewa Raipur Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/gadh-kalewa-raipur-chhattisgarh/):   gadh kalewa Raipur Chhattisgarh: मध्य भारत में बसे छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है ऐसा इसलिए क्योकि यहा धान की पैदावार ज्यादा होती है, छत्तीसगढ़ का मुख्य व्यवसाय भी खेती है जहा अधिकांस लोग चावल ( धान ) की खेती करते है, तो अगर किसी राज्य की प्रमुख फसल से खाने की अच्छी अच्छी चीज़े न मिले ऐसा तो हो ही नहीं सकता, तो इसी कमी को पूरा करने के लिए महिला स्व सहायता समूह की औरतो ने मिलकर एक ऐसे होटल या यु कहे की एक ऐसे भोजनालय की शुरुआत की है जहा आपको चावल से […] - [200 साल पुराने पीपल के पेड़ पर अजगरों का बसेरा : pythons nest on 200 year old peepal tree chhattisgarh](https://www.cginfo.in/200-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/): janjgir champa news: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के भड़ेसर नामक गांव में 200 साल पुराने पीपल के पेड़ पर अजगरों ने अपना बसेरा बनाकर रखा है। यहां 20-40 नहीं, बल्कि 100-150 से ज्यादा अजगर रहते हैं। ये पेड़ अंदर से पूरी तरह से खोखला है। जिला मुख्यालय जांजगीर से लगभग 8 से 9 किलोमीटर की दूरी पर भड़ेसर गांव के महात्मा राम पांडे के आवास परिसर में ये पीपल का पेड़ है, इससे ग्रामीणों की श्रद्धा भी जुड़ी है। वे इन अजगरों की पूजा करते हैं। यहां आने वाले लोगों को अजगर के छोटे-छोटे बच्चे भी आसानी से घूमते हुए […] - [राजिम मेला मांगी पुन्नी प्रसिद्ध मेलों में से एक कुंभ मेला, rajim mela chhattisgarh](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%9c/):     Rajim Mela 2023: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर गरियाबंद जिले में स्थित है राजिम, जहा राजीव लोचन मंदिर व कुलेश्वर महादेव मंदिर स्थित है, यहा माँघी पूर्णिमा के दिन से महाशिवरात्रि तक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है जहा भगवान के दर्शन हेतु और मेला घूमने लोग दूर दूर से आते है।   राजिम मेले का नामकरण: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2001 से राजिम मेले को राजीव लोचन महोत्सव के रूप में मनाया जाता था, वर्ष 2005 से इसे कुम्भ के रूप में मनाया जाता रहा, और 2019 से राजिम माघी पुन्नी मेला […] - [रतनपुर मेला 2023 : 5 फ़रवरी से प्रारंभ होने जा रहा है रतनपुर का मेला, प्रसिद्ध मेलों में से एक रतनपुर मेला, ratanpur mela](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%be-2023-5-%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/):   Ratanpur Manghi Purni Mela 2023 : रतनपुर में हर साल मांघी पूर्णिमा के दिन से 7 दिनो के मेले का अयोजन किया जाता है लेकिन भिड़ को देखते हुऐ यह कभी कभी 10 से 15 दिनो तक भी चलता है। जहा भारी संख्या में लोग मेला घूमने आते है।   किस दिन से प्रारम्भ होता है रतनपुर मेला? : इस बार भी रतनपुर नगर में मांघी पूर्णी के दिन 5 फ़रवरी को मेले का सुभारम्भ होने जा रहे है। अभी से ही मेला स्थल पर तैयारी शुरू हो गई है, झूले और कई दुकानें अभी से ही अपनी तैयारी […] - [Padma Shri Usha Barle: कुएं में फेंके जाने से लेकर दुनिया के 12 देशों तक, पंडवानी की अद्भुत कहानी](https://www.cginfo.in/%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0/):     कौन हैं Usha Barle? Usha Barle biography छत्तीसगढ़ के भिलाई की रहने वाली उषा बारले आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। पंडवानी गायन की दुनिया में उन्होंने एक अलग मुकाम हासिल किया है। हाल ही में उन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान Padma Shri से नवाजा गया, जिससे पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन हुआ। बचपन में झेला भारी संघर्ष: उषा बारले का बचपन आसान नहीं था। उनके पिता को उनका गाना-बजाना बिल्कुल पसंद नहीं था। एक बार गुस्से में उन्होंने Padma Shri Usha Barle को कुएं में तक फेंक दिया। लेकिन यह घटना भी उनकी जिद और जुनून […] - [छत्तीसगढ़ी गाने पर तंजानियन किली पॉल का डांस VIDEO](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8/): Dance of Tanzanian Kili Paul on Chhattisgarhi song VIDEO: छत्तीसगढ़ी गीत मोहनी खवाके जोड़ी, जियारा चुराए रे भारत में धूम मचाने के बाद अब विदेशों में भी धूम मचा रहा है। यही वजह है कि विदेशी कलाकार भी इस गाने में थिरकने पर मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में मशहूर तंजानियन डांसर किली पॉल और उनकी बहन का वीडियो सामने आया है। जिसमें वे मोहनी गाने पर डांस कर रहे हैं। उन्होंने इस रील को बनाकर सोशल मीडिया में पोस्ट किया है और लिखा है LOVE THIS SONG।   कुछ महीने पहले ही मोहनी सॉन्ग रिलीज हुआ था। जिसके बाद […] - [नंदनवन जंगल सफारी रायपुर छत्तीगढ़ : NandanVan Zoo Naya Raipur Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0/):     नंदनवन जंगल सफारी नया रायपुर छत्तीसगढ़: नंदनवन जंगल सफारी, छत्तीसगढ़ राज्य के नया रायपुर में स्थित है। रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर तथा स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नंदनवन जंगल सफारी का कुल क्षेत्र 800 एकड़ सुंदर प्राकृतिक संपदा के साथ, हरे भरे रंगो में फैला हुआ है। यहां स्थित कई तरह के स्वदेशी पौधों की प्रजातियां भी हैं, जो की जानवरों के लिए प्राकृतिक आवास का भी निर्माण करती हैं। इसमें 130 एकड़ का ‘खांडवा जलाशय’ नामक जल निकाय भी स्थित है, जो कई प्रवासी पक्षियों […] - [Ma Mahamaya Mandir Raipur: 1400 साल पुराना चमत्कारी मंदिर, जहाँ हर मन्नत होती है पूरी](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%88-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a5%80/): Ma Mahamaya Mandir Raipur Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे प्राचीन और चमत्कारी मंदिरों में से एक है। पुरानी बस्ती में स्थित यह मंदिर लगभग 1400 वर्ष पुराना माना जाता है और आज भी यहां प्राचीन परंपराएं जीवंत रूप में देखी जा सकती हैं। यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि इतिहास, तंत्र विद्या और दिव्य शक्तियों का अद्भुत संगम है।   प्राचीन परंपरा और ज्योति कलश की विशेषता: माँ महामाया मंदिर रायपुर में आज भी प्राचीन पद्धति से ज्योति कलश जलाने की परंपरा निभाई जाती है। खासकर नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु यहां ज्योति जलाकर अपनी […] - [Charre Marre Waterfall Chhattisgarh : कैसे पहुंचे, कब जाएं और क्या देखें](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4/): Charre Marre Waterfall Kanker Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता अपने आप में अद्भुत है, और इन्हीं खूबसूरत जगहों में से एक है Charre Marre Waterfall यह जलप्रपात Kanker जिले में स्थित है और अपनी शांत, हरियाली से भरी वादियों और मनमोहक वातावरण के लिए जाना जाता है। यह जलप्रपात कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 85 किलोमीटर तथा Antagarh से करीब 17 किलोमीटर दूर आमाबेड़ा मार्ग पर स्थित है। यह झरना Jogi River पर बना हुआ है, जिसका मुख्य स्रोत जोगीधारा नदी है।   चर्रे–मर्रे जलप्रपात की खासियत: Charre Marre Chhattisgarh की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक बनावट और शांति है। […] - [छत्तीसगढ़ की आदिवासी लड़की रिया एक्का बनीं मिस इंडिया : Chhattisgarh's tribal girl Riya Ekka became Miss India](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc/):       Bhilai chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के पिछड़े और आदिवासी बाहुल्य जिला जशपुर की आदिवासी स्टूडेंट रिया एक्का ने भिलाई में आयोजित ग्लैमर इवेंट में मिस इंडिया का खिताब हासिल की है। बिलासपुर में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही रिया एक्का ने 50 प्रतिभागियों को हराकर जीत का ताज हासिल की है। यह भी पढ़े : रतनपुर एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल। दरअलसल, मूलत: जशपुर जिले के बगीचा क्षेत्र के डगडऊवा गांव की रहने वाली 19 वर्षीय रिया एक्का कॉलेज स्टूडेंट है और बिलासपुर के सरकंडा में रहकर पढ़ाई करती है। बचपन से ही रिया की रूचि पढ़ाई के […] - [बोतल्दा जलप्रपात (अटल रॉक गार्डन), खरसिया रायगढ़ – घूमने की पूरी जानकारी 2026](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%96%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be/): बोतल्दा जलप्रपात (अटल रॉक गार्डन), खरसिया रायगढ़ – पूरी जानकारी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में स्थित बोतल्दा जलप्रपात (अटल रॉक गार्डन) एक प्रसिद्ध प्राकृतिक पिकनिक स्थल है। यह रायगढ़ से लगभग 40 किलोमीटर और सक्ती जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।   ऊँचे-ऊँचे पहाड़, बड़े पेड़, हरियाली और बहते झरने इसे रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिले के लोगों के लिए प्रमुख पिकनिक स्पॉट बनाते हैं। अगर आप शांत वातावरण में परिवार या दोस्तों के साथ समय बिताना चाहते हैं, तो यह स्थान आपके लिए बेहतरीन विकल्प है।   बिलासपुर के आसपास जलप्रपात की […] - [Bastar Dussehra, 74 दिन और नयाखाई के साथ राजा और रथ की कहानी](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%90%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%bf/):     Bastar Dasahra Chhattisgarh: 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की सभी रस्में अपने आप में महत्वपूर्ण हैं। लेकिन, एक रस्म ऐसी है, जिसमें ग्रामीण राजा को सजा देते हैं। इस रस्म का नाम है भीतर रैनी और बाहर रैनी। गुरुवार की शाम बाहर रैनी की रस्म देर रात तक चली। ग्रामीणों ने बस्तर के राजा कमलचंद भंजदेव को सजा दी। यह सजा थी नयाखाई की। राजा को पूरे शान-शौकत के साथ गांव बुलाया गया। फिर कुटिया में बिठा कर नए चावल से बनाए गए खीर को खिलाकर बाहर रैनी की रस्म अदा की गई। जिसके […] - [चिंगरा पगार जलप्रपात गरियाबंद रायपुर छत्तीसगढ़ : chingra pagar waterfall gariyband raipur chhattisgarh](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%bf/): Chingra Pagar Waterfall Raipur Chhattisgarh: जतमई घटारानी के प्रसिध्द झरनों की तरह गरियाबंद – रायपुर सड़क मार्ग पर एक बहुत ही खूबसूरत बरसाती झरना है, जिसे स्थानीय लोग चिंगरा पगार के नाम से जानते हैं। कचना धुरवा तथा बारिका जंगल के बीचो बीच पहाड़ों को चीरता यह झरना करीब 110 फीट की ऊंचाई से गिरती हुई दार्शनिकों का मन लुभाती है। बरसात में अधिक पानी जमा के चलते पहाड़ों के बीच से गिरने वाले इस झरने के पानी की कलकल करती आवाज को काफी दूर तक सुना जा सकता है। इसकी सुंदरता लोगो को लुभावित करती है। जिससे इस झरने […] - [रायपुर के बीचों-बीच टाइटैनिक जहाज में विराजे गणेश जी : 20 लाख के खर्च से तैयार हुआ है गणेश पंडाल, हॉलीवुड मूवी से है इंस्पायर, Ganesh ji sitting in the Titanic ship in the heart of Raipur](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f%e0%a5%88/):   Raipur Chhattisgarh: रायपुर शहर के बीचों-बीच विशाल टायटैनिक जहाज देखकर हर कोई हैरान है। मगर ये असल जहाज नहीं बल्कि भगवान गणेश का पंडाल है। यूनिक हॉलीवुड थीम में ये पंडाल अपने लुक की वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है। बाहर से देखने पर बिल्कुल किसी बड़े समुद्री जहाज की तरह ही दिखता है, जिसके अंदर भगवान श्री गणेश बैठे हैं।   इसे भी पढ़े: केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर बन रहा गणेश पंडाल : बस्तर मे 400 से ज्यादा जगह पर विराजेंगे बप्पा।   ये पंडाल बना है कालीबाड़ी चौक के पास। इसे जय भोले ग्रुप के […] - [राजभवन में विराजे गोबर से निर्मित गणेश : कामधेनु विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने शुद्ध देसी गाय के गोबर से बनाई प्रतिमा, Ganesha made of cow dung sitting in Raj Bhavan](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%ad%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87/):       Ganesha made of cow dung sitting in Raj Bhavan: छत्तीसगढ़ के राजभवन में गोबर से बनाई गई भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित हुई है। राज्यपाल अनुसूईया उइके ने बुधवार शाम विधि-विधान से प्रतिमा की स्थापना कर पूजा-अर्चना की। इस प्रतिमा को दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने शुद्ध देसी गाय के गोबर से तैयार किया है।    दुर्ग स्थित दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय से जुड़े पंचगव्य अनुसंधान केंद्र ने इस साल गाय के गोबर को शोधित कर उससे भगवान गणेश की प्रतिमाओं का निर्माण शुरू किया था। बुधवार को ऐसी ही एक प्रतिमा लेकर […] - [हरेली त्योहार क्यों बनाया जाता है : जाने हरेली त्योहार से जुड़ी कुछ खास बातें : Why is the Hareli festival celebrated?](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%af/): Hareli Tihar: हरेली तिहार इंसानों और प्रकृति के बीच के आपसी रिश्ते को दर्शाता है, यही वो समय होता है जब कृषि कार्य अपने चरम पर होता है. धान रोपाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य को पूरा कर लेते हैं, इस दिन किसान खेत के कामों से फुर्सत होकर खेलों का मजा लेते है। हरेली सावन महीने की पहली अमावस्या को मनाया जाता है। दरअसल छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है. यहां की आबादी खेती किसानी पर निर्भर रहती है, खेती किसानी की शुरुआत के साथ हरेली तिहार मानने की परंपरा है।  हरेली त्योहार पे क्यों की जाती है पशुओं […] - [छत्तीसगढ़ के शिवलिंग में चढ़ाया जल कहा जाता है किसी को नहीं पता... जानिए कहां है यह शिवलिंग, the water missing in Shivling of Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/): Ratanpur Chhattisgarh: कहते हैं सावन का महीना भगवान भोलेनाथ का महीना है। शास्त्रों के अनुसार इस पूरे महीने भगवान भोलेनाथ पृथ्वी पर रहते हैं। इसलिए हर शिव लिंग में शिव का वास माना जाता है, लेकिन हम आ क्यू एआआपको सावन के इस पावन महीने में एक ऐसे अद्भुत, अलौकिक और रहस्यमय शिवलिंग के बारे में बताने और दर्शन कराने जा रहे हैं, जिसके दर्शन मात्र से आपका रोम-रोम शिवमय हो जाएगा। इसे भी पढ़े: क्या आप जाने है, छत्तीसगढ़ में स्थित हैं पुरे एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च बूढ़ा महादेव मंदिर में स्थापित शिवलिंग स्वंयभू: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर […] - [लो जी हो गया तैयार अपने खुबसूरत रूप में आपका चहिता पर्यटन स्थल : बारिश के चलते खूंटाघाट 65 फीसदी भरा, घोंघा जलाशय और भैंसाझार भी सामिल, Khuntaghat 65 percent due to rain](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b2%e0%a5%8b-%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%97%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%ac/): Khutaghat Ratanpur Chhattisgarh: जिले का सबसे बड़ा खूंटाघाट बांध 10 जुलाई की स्थिति में 65 फीसदी भर चुका है। यह पिछले साल की स्थिति से तो ज्यादा है लेकिन दो साल पहले की इस अवधि में कम है। घोंघा जलाशय अभी 49.24 फीसदी जबकि अरपा भैंसाझार 26 फीसदी ही भरा है। 10 जुलाई की स्थिति में जिले में अब तक 273.4 मिमी बारिश हाे चुकी है। यह पिछले साल से 48.4 मिमी अधिक है। इसका असर जिले के बांधाें में जलभराव पर भी नजर आ रहा है। पिछले साल से ज्यादा भरा: जिले का सबसे बड़ा खूंटाघाट बांध वर्तमान में […] - [यहा तो लोगो के साथ चलने लगे मगरमच्छ : जांजगीर-चांपा में घूमता मिला मगरमच्छ, here the crocodile started walking with the people](https://www.cginfo.in/%e0%a4%af%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a5%87/): Janjgir Champa Chhattisgarh: सड़कों पर रविवार देर रात मगरमच्छ का एक बच्चा घूमने निकल पड़ा। स्थानीय लोगों ने देखा तो उसे पकड़ लिया। इसके बाद रात भर उसे अपने घर में ही रख लिया। यह चौंकाने वाला मामला छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा का है। अगले दिन सुबह लोग बच्चे को लेकर क्रोकोडाइल पार्क पहुंचे और उसे छोड़कर आए। वहां पता चला कि मगरमच्छ ने कई अंडे दिए हैं। उनके फूटने पर ये बच्चा घूमने के लिए निकल पड़ा था। दरअसल, अकलतरा क्षेत्र के कोटमीसोनार गांव में रविवार रात करीब 11.30 बजे लोगों को सड़क पर करीब एक फीट लंबा जीव घूमता […] - [Chhata Pahad, Guru Ghasidas Baba Ji Tapobhumi : इतिहास, रहस्य और यात्रा गाइड 2026](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%b2%e0%a5%8c/):   Chhata Pahad, Guru Ghasidas Baba Ji Tapobhumi: बलौदा बाजार से लगभग 50 किलोमीटर व प्राचीन भूमि शिवरीनारायण से लगभग 15 किलोमीटर की दुरी पर गिरौदपूरी धाम में स्थित है छातापहाड़, जो बलौदा बाजार जिले का महत्वपूर्ण दर्शनीय स्‍थल और सतनाम पंथ के प्रर्वतक गुरू घासीदास जी की तपोस्‍थली है।   यहा आपको सभी धर्म के लोग देखने को मिलेंगे, यहा सब बिना किसी भेद भाव के आपस में बड़े प्यार से रहते है। यहा आने वाले के दिल में धार्मिक आस्‍था होती है तो ओ नारियल फूल लेकर भक्ति करने आते है, नही तो छातापहाड़ और जैतखाभ की खूबसूरती […] - [जानिए इस 12वीं शताब्दी के अद्भुत मंदिर का रहस्य और दिलचस्प इतिहास!" : Shiv Mandir Devbaloda Bhilai, Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%ac%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%be/): Shiv Mandir Devbaloda Bhilai, Chhattisgarh: भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर 12वीं से 13 शताब्दी के बीच कलचुरी कालीन राजाओं के द्वारा बनवाया गया था, इस अधूरे मंदिर का निर्माण लाल बलुवा पत्थरों से नागर शैली में किया गया है। जिसका मंडप भाग नवरंग शैली में बना है। मंदिर का भूगोल (बनावट): मंदिर की बनावट काफी विशाल है व मंदिर के दीवारों पर की गई नक्काशी उत्कृष्ट व आश्चर्यजनक कर देने वाली है। मंदिर की दीवारों पर कई प्रकार के देवी देवताओं पशु पक्षी पेड़ पौधे रामायण के प्रसंगों को दीवारों पे उकेरा गया है। मंदिर का निर्माण ऊंची जगती […] - ["शिव मंदिर चंदखुरी, रायपुर छत्तीसगढ़ का प्राचीन 10वीं-11वीं शताब्दी का मंदिर"](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0/): Shiva Mandir Chandkuri Raipur Chhatisgarh: शिव मंदिर चंदखुरी छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर चंदखुरी गांव में स्थित है, जो विशेष रूप से माता कौशिल्या के जन्म स्थान के रूप में प्रसिद्ध है। चंदखुरी के इस प्राचीन मंदिर को “छ: माशी मंदिर” के नाम से भी जाना जाता है। पुरातत्व विभाग के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण लगभग 10वीं से 11वीं शताब्दी के बीच हुआ था और इसे कलचुरी कालीन राजाओं द्वारा बनवाया गया था।   मंदिर की संरचना और वास्तुकला: इस शिव मंदिर की वास्तुकला बेहद आकर्षक है और […] - [केंदई जलप्रपात कोरबा छत्तीसगढ़ : कोरबा के आस पास घूमने लायक अच्छी जगह : Kendai Waterfall Korba,](https://www.cginfo.in/kendai-fall-korba-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%88-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%be-%e0%a4%9b/):     kendai Waterfall Korba Chhattisgarh: केंदई जलप्रपात छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा जिले का एक बहुत ही खुबसुरत जलप्रपात है। जो की कोरबा जिले में स्थित दुसरी सबसे ऊंची जलप्रपात हैं, केंदई नमक यह झरना कोरबा जिले के केंदई नमक गांव में स्थित हैं, जिसके कारण इस जलप्रपात को भी केंदई के नाम से जाना जाता है। केंदई बिलासपुर – अंबिकापुर राजमार्ग संख्या क्रमांक 5 में कोरबा जिला मुख्यालय से करीब 85 km. की दूरी पर स्थित एक गांव है। प्राकृतिक संपदाओं से लदा हुआ यह खूबसूरत जलप्रपात बिलासपुर जिले से भी लगभग 134 km. की दूरी में स्थित हैं। […] - [भैंसाझार बांध कोटा बिलासपुर छत्तीसगढ़, Picnic Spot Near Kota bhaisajhar bilaspur](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ad%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%9d%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8/): Bhainsajhar Kota Bilaspur Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा तहसील में अरपा नदी पर एक भैंसाझार नामक छोटा सा गांव स्थित हैं, जहा भैंसझार नामक यह बंद स्थित है, बहुत ही खुबसुरत इस बांध को अरपा-भैंसाझार बैराज वृहद परियोजना के नाम से जाना जाना जाता हैं, तो आज हम आपको इस पोस्‍ट के माध्यम से इस खूबसूरत जगह के बारे में बताना चाहते हैं, यह अरपा भैंसाझार परियोजना के तहत बिलासपुर जिले के भैंसाझार नामक एक छोटे से गांव में हैं, जो बिलासपुर शहर से करीब 34 km. की दूरी पर स्थित हैं, इस परियोजना के द्वारा कोटा […] - [Chitrakote Waterfall Bastar: छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और खूबसूरत जलप्रपात](https://www.cginfo.in/chitrakoot-waterfall-bastar-chhattisgarh-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a1/): 🌊 चित्रकोट जलप्रपात – छत्तीसगढ़ का नियाग्रा फॉल्स: चित्रकोट जलप्रपात छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले में स्थित एक बेहद ही खूबसूरत और विशाल जलप्रपात है। यह जलप्रपात इंद्रावती नदी पर बना हुआ है और जगदलपुर शहर से लगभग 39 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। करीब 90 फीट ऊँचाई और लगभग 980 फीट चौड़ाई वाला यह जलप्रपात भारत के सबसे चौड़े जलप्रपातों में से एक माना जाता है। जब इंद्रावती नदी की प्रबल जलधारा ऊँचाई से गिरती है, तो उसकी गर्जना और दृश्य किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। इसकी भव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य हर पर्यटक को मंत्रमुग्ध कर देता […] - [Bhuteshwar Mahadev Mandir Gariaband : दुनिया का सबसे विशाल स्वयंभू शिवलिंग](https://www.cginfo.in/bhuteshwar-nath-gariyaband-%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97/): 🕉️ भूतेश्वर नाथ महादेव – विश्व का सबसे विशाल प्राकृतिक शिवलिंग छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद जिले के मरौदा गांव के घने जंगलों के बीच स्थित भूतेश्वर नाथ महादेव एक अद्भुत और आस्था से भरा पवित्र स्थल है। यह स्थान राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां स्थित शिवलिंग को विश्व का सबसे विशाल प्राकृतिक (स्वयंभू) शिवलिंग माना जाता है। मान्यता है कि यह शिवलिंग आज भी हर वर्ष थोड़ा-थोड़ा बढ़ रहा है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आते हैं।   📖 भूतेश्वर नाथ महादेव का इतिहास भूतेश्वर नाथ शिवलिंग के निर्माण या […] - [kanan Pendari चिड़िया घर बिलासपुर : बिलासपुर के आस पास घूमने लायक जगह](https://www.cginfo.in/bilaspur-kanan-pendari-tourist-place/): 🦁 कानन पेंडारी जू – छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध चिड़ियाघर छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले में स्थित कानन पेंडारी जू एक बेहद खूबसूरत और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह चिड़ियाघर बिलासपुर शहर से लगभग 10–15 किलोमीटर की दूरी पर मुंगेली रोड पर स्थित है। प्राकृतिक हरियाली और शांत वातावरण के बीच बना यह जू परिवार, बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शानदार जगह है। यहां आकर हर किसी का मन प्रफुल्लित हो उठता है।   🐾 विलुप्त होती प्रजातियों का घर आज के आधुनिक विकास और तकनीकी प्रगति के कारण कई जीव-जंतु और पक्षी विलुप्त होने के कगार पर हैं। […] - [Barfani dham Rajnandgaon : विश्व की सबसे ऊंची शिवलिंग बर्फानी धाम राजनांदगांव छत्तीसगढ़ : 108 फिट ऊंची है शिवलिंग](https://www.cginfo.in/barfani-dham-rajnandgaon-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%8a%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5/):       विश्व की सबसे ऊंची शिवलिंग : छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले में स्थित है पूरे विश्व की सबसे ऊंची शिवलिंग। जी हां अगर आप अभी तक इस बात को नहीं जानते तो हम आपको इसके बारे में पूरी तरह से बताने वाले है। वैसे तो पूरे छत्तीसगढ़ में कई ऐसी पुरातात्विक स्थल एवं ऐतिहासिक जगहे स्थित है जो पूरे विश्व के सबसे प्रमुखों में से है। इसी श्रेणी में एक है छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव में स्थित 108 फिट ऊंची शिवलिंग, जो की पूरे भारत ही नहीं बल्की पूरे विश्व की सबसे ऊंची शिवलिंग है।    यह […] - [क्या सच में बाहुबली मूवी की शूटिंग छत्तीसगढ़ के बस्तर के हांदावाड़ा जलप्रपात में हुआ था?, जानिए पूरा सच : बाहुबली के एक सीन में छत्तीसगढ़ के बस्तर का जलप्रपात](https://www.cginfo.in/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%ac%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%95/): हांदावाड़ा जलप्रपात : यह छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर के पास स्थित छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची जलप्रपात है। जो ना केवल छत्तीसगढ़ अपितु पूरे भारत की ऊंची जलप्रपातों में से एक है। अब सबसे बड़ी बात यह आती है कि इतना ऊंचा झरना होने के बाद भी इसके बारे में काफी कम लोगो की ही क्यों पता है?,अब तक यह छीपा हुआ क्यों है? जरूर पढ़े-अगर आपको इस रहस्य के बारे में जानना है तो इस पोस्ट को अच्छी तरीके से पढ़े हांदावाड़ा में बाहुबली मूवी के शूटिंग होने का दावा : आज हम आपको बताना चाहेंगे की क्या सच में […] - [Handawada Waterfall Bastar: बस्तर का Hidden Waterfall जिसे कम लोग जानते हैं](https://www.cginfo.in/handawada-waterfall-bastar-chhattisgarh-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%be/):   हांदावाड़ा जलप्रपात बस्तर : छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में स्थित ओरछा ब्लॉक के हांदावाड़ा ग्राम पंचायत के अन्तर्गत लगभग 5 km. की दूरी पर धारा डोंगरी पहाडी से एक प्रपात के स्वरूप मे लगभग 500 फिट के उंचाई से जल की धारा गिरती है। जिसे हांदावाड़ा जलप्रपात के नाम से जाना जाता है। हांदावाड़ा नामक इस जलप्रपात को छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे ऊँचा जलप्रपात माना बताया जाता है। जो की काफी घनी जंगली क्षेत्र में स्थित है। अंतिम गाँव से इस हांदावाड़ा झरने तक पहुँचने के लिए लगभग 5 km. की दूरी पैदल ही घने […] - [अमेरिकन टूरिस्ट को पसंद आ रही बस्तर की खुबसूरती : कहा- 5वीं बार आया, कभी डर नहीं लगा, यहां लोग और खाना दोनों अच्छे; महुआ शराब अन्य ब्रांड से बेहतर](https://www.cginfo.in/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%a8-%e0%a4%9f%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%86/):   Bastar: छत्तीसगढ़ के बस्तर की पहचान पूरे विश्व में केवल नक्सलवाद के नाम से होती रही है, लेकिन आज इसकी तस्वीर बदल रही है। इसका बड़ा उदाहरण यह है की यहां की हसीन वादियों का लुत्फ उठाने विदेशों से भी पर्यटक बेखौफ होकर पहुंच रहे हैं।    पिछले कुछ सालों में 5वीं बार बस्तर आए अमेरिका के टूरिस्ट ने कहा कि, पूरे इंडिया में सबसे खूबसूरत जगह बस्तर है। यहां के लोग और व्यंजन भी बहुत अच्छा है। उन्होंने बताया कि बस्तर आने और घूमने में किसी तरह का कोई भय नहीं लगता है। वे बिना किसी भय के […] - [औरापानी जलप्रपात कोटा बिलासपुर छत्तीसगढ़ : Aurapani waterfall near bilaspur chhattisgarh](https://www.cginfo.in/aurapani-waterfall-near-bilaspur/):   औंरापानी जलप्रपात एवं जलाशय : बिलासपुर जिले से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर एवं कोटा विकासखंड से केवल 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है औरापनी गांव। पर्याप्त प्राकृतिक संपदा से भंडार इस गांव में आज भी लोग काफी खुशाली से परतन समय से रहते आ रहे है। यहां के लोग भी संतस्वभावी एवं मधुर भाव के हैं। औरापानी गांव एक जंगल से घिरा हुआ है। यहां एक खूबसूरत जलाशय भी है, और जहां से करीब 2 किलेमीटर की जंगल की यात्रा के बाद ही आप इस जलप्रपात में पहुंच पाते है। यानी की औरापानी गांव तक तो […] - [चंपारण्य राजिम – श्री चंपेश्वर नाथ मंदिर और वल्लभाचार्य जन्मस्थल | Raipur Nearby Tourist Place](https://www.cginfo.in/champaranya-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%aa/): चंपारण्य : चंपारण छत्तीसगढ राज्य का एक बहुत ही रमणीय एवं प्रसिद्ध स्थल है। जहां पर चम्पेश्वर महादेव जी का मंदिर एवं महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी का प्राकट्य स्थल होने के कारण यहां प्रतिदिन दूर दूर से सैलानी आया करते हैं। महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य के अनुयायी वैसे तो पूरे देश भर में फैले हुए हैं, परंतु ज्यादातर लोग गुजरात एवं महाराष्ट्र में है। विदेशों में जाकर बसे हुए लोग भी जो कि पुष्टि संप्रदाय से ताल्लुक रखा करते हैं उनका भी चम्पारण से नियमित सम्पर्क बना रहता है। चम्पेश्वर महादेव जी के मंदिर में भी बहुत ही प्राचीन शिवलिंग स्थित […] - [Rajim Chhattisgarh : राजीव लोचन मंदिर छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम का कुंभ मेला : तीन नदियों का संगम स्थल राजिम](https://www.cginfo.in/rajim-chhattisgarh-sangam-rajiv-lochan-temple/):   Rajim Chhattisgarh : राजिम छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले से करीब 45 km. की दूरी पर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद जिले का एक छोटा सा प्रसिद्ध शहर है। समृद्ध पुरातत्व सांस्कृतिक विरासत एवं प्राचीन मंदिरों का यह सम्पूर्ण केंद्र बिंदु पूरी तरह से इस स्थान पर वर्णित होता है। राजिम कई तरह के संगीतक एवं सांस्कृतिक उत्सवों का भी एक घर है, राजिम लोचन महोत्सव भी उनमें से ही एक है। राजिम स्थल में ही तीन पवित्र नदियों का संगम भी होता है। तीन नदियों का यह पवित्र संगम स्थल अपार भक्तों का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। जिस […] - [एशिया का दुसरा सबसे बड़ा चर्च महागिरजाघर : क्रिसमस में लगती है भारी भीड़, छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में है एशिया का दुसरा सबसे बड़ा चर्च : आखिर यहां क्यों माना जाता है 7 नंबर को खास...](https://www.cginfo.in/kunkuri-mahagirishghar-jashpur-chhattisgarh/):   जशपुर छत्तीसगढ़ : हर साल 25 दिसंबर को लोग चर्च में जाकर के कैंडल जलाते हैं तथा मनोकामना भी मांगते हैं, लेकिन उनमें से बहुत ही कम लोगों को इस बारे में जानकारी होगी कि पूरे एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च कहा और किस स्थान में स्थित हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले में विशाल चर्च स्थित है, इस चर्च को महागिरजाघर के नाम से भी जाना एवं पहचाना जाता है। यह चर्च जशपुर जिले के कुनकुरी नामक जगह में स्थित है। जिसकी निर्माण की नीव सन् 1962 में रखी गई थी। उस समय यह चर्च केवल जंगल […] - [Surendra Dubey Biography in Hindi | उम्र, परिवार, करियर, पुरस्कार और रोचक तथ्य (2026)](https://www.cginfo.in/surendra-dubey-biography-in-hindi/): सुरेंद्र दुबे कौन हैं?: सुरेंद्र दुबे एक प्रसिद्ध हिंदी हास्य कवि, व्यंग्यकार और आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं, जिन्हें उनकी शानदार मंच प्रस्तुति और हास्य से भरपूर कविताओं के लिए जाना जाता है।   सुरेंद्र दुबे का जीवन परिचय: इस दुनिया में कई लोग अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही लोग अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर अलग पहचान बना पाते हैं। डॉ सुरेंद्र दुबे उन्हीं खास लोगों में से एक हैं, जिन्होंने बिना सोशल मीडिया के दौर में भी अपनी कला के बल पर देशभर में पहचान बनाई। उनकी हास्य शैली, नटखट अंदाज और […] - [लक्ष्मण झुला महादेव घाट रायपुर छत्तीसगढ़ : Mahadev Ghat Raipur Chhattisgarh : Chhattisgarh Tourism Places,](https://www.cginfo.in/lakshman-jhula-raipur-chhattisgarh/):   Lakshman Jhula Raipur Chhatisgarh : वैसे तो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आपको घुमने के लिए कई सारी जगह मिल जाएगी जहा आप घुमने जा सकते है पर आज हम आपको बताने जा रहे है, एक ऐसे जगह की जो वर्तमान में काफी प्रसिद्धि हासिल कर रहा है और लोगो को काफी लुभा रहा है जी हा हम बात करने जा रहे है लक्ष्मण झूले की जिसका लोकार्पण 3 मई 2018 को तत्कालिक मुख्यमंत्री डॉ रमन सिह द्वारा किया गया | यह एक सस्पेंशन ब्रिज है जिसे खारुन नदी के तट पर बनाया गया है I इस सस्पेंशन ब्रिज […] - [मेंदरी घुमर जलप्रपात बस्तर, छत्तीसगढ़ : Mendri Ghumar Waterfall Bastar, Chhattisgarh : Chhattisgarh Tourism Places](https://www.cginfo.in/mendri-ghumar-waterfall-bastar-chhattisgarh/):   मेंदरी घुमर जलप्रपात : बस्तर जिले के जगदलपुर से लगभग 40 किलोमीटर व छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर की दुर चित्रकोट और बारसूर मार्ग के बीच में स्थित है। यहां मटनार नदी का पानी ऊंचाई से गिरता है, जो जलप्रपात का निर्माण करता है। इसके नजदीक ही तामड़ा घूमर नामका एक और जलप्रपात स्थित है। मेंदरी घुमर जलप्रपात की उचाई लगभग 120 – 150 फिट है। यह जलप्रपात मौसम के अनुरूप अपना रूप बदलती है यह आपको बारिश के मौसम में या ठण्ड के प्रारम्भ में नजर आ आती। मेंदरी घुमर जलप्रपात की सुंदरता और बूंदा […] - [बिलासपुर के आस पास घुमने लायक अच्छी जगह : Tourism Places Near Bilaspur Chhattisgarh : Picnic Spots And tourism Places](https://www.cginfo.in/bilaspur-nearby-tourist-places/):   Khutaghat Dam Ratanpur: बिलासपुर जिले से लगभग 25 किलोमीटर दूर रतनपुर में स्थित है खुटाघाट डैम जो की छत्तीसगढ़ के प्रमुख बांध की श्रेणी में आता है, इसका निर्माण आज से करीब 85 साल पहले अंग्रेज शासन काल का बताया जाता है। खुटाघाट एक बहुत ही पुराना दर्शनीय स्थल है, यहा साल में एक बार तिज के दिन मेले का आयोजन होता है जिसमें दूर दूर से लोग यहा आते है और हर साल यहा लोगो की भारी भीड़ उमड़ी रहती है। इन दिनों बारिश अधिक होने के चलते यह बांध पानी से पूरा भरा रहता है जिससे इसकी […] - [लखनी देवी मंदिर रतनपुर : Lakhni Devi Temple : Top Hill Station Of Ratanpur](https://www.cginfo.in/lakhani-devi-temple-ratanpur-chhattisgarh/):   मां लखनी देवी मन्दिर : वैसे तो रतनपुर नगर तालाबों का शहर है ही लेकिन इसके साथ ही यह मंदिरों के शहर के नाम से भी जाना जाता है। यहां अनेक चमत्कारी एवं भव्य प्राचीन मंदिर स्थित है। रतनपुर महामाया मंदिर के नाम से न केवल छत्तीसगढ़ में बल्कि सम्पूर्ण भारत में प्रसिद्ध है, लेकिन महामाया मंदिर के अलावा भी ऐसे अनेक मंदिर यहां स्थित है, जिनमें से कई मंदिर काफी अद्भुत एवं वहां पहुंचना भी आसान नहीं हैं। इनमे से एक है मां लखनी देवी जी का मंदिर । यह मंदिर खास इसलिए भी हो जाता है क्योंकि […] - [हाटकेश्वर महादेव मंदिर रायपुर : hatkeshwar mahadev ghat raipur - chhattisgarh tourism places,](https://www.cginfo.in/hatkeshwar-mahadev-temple-mahadev-ghat-raipur/):     Hatkeshwar Mahadev Temple Raipur : छत्तीसगढ़ के राजधानी कहे जाने वाले रायपुर में वैसे तो काफी खुबसुरत व धर्मिक मंदिर विराजमान है जिनमे से एक प्रमुख मंदिर है हाटकेश्वर महादेव मंदिर जो राजधानी रायपुर के मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर पाटन मार्ग में खारून नदी के किनारे स्थिर है, जिसकी खूबसूरती को बरक़रार रखने स्थानीय प्रशासन ने काफी निर्माण किये है जो लोगो को काफी पसंद आते है | तो चलिये आज हम बात करते है एक पवत्र शिव मंदिर हाटकेश्वर महादेव मंदिर के बारे में, यह प्रसिद्ध मंदिर रायपुर में रहने वाले लोगो के पसंदीदा जगह महादेव […] - [शिव मंदिर पाली कोरबा : Pali Shiv Mandir : छत्तीसगढ़ की सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक पाली स्थित शिव मंदिर](https://www.cginfo.in/pali-shiv-mandir-korba-chhattisgarh/):     Pali Korba पाली कोरबा : पाली शहर कोरबा जिले का एक तहसील मुख्यालय है, जो की बिलासपुर कोरबा मुख्य मार्ग (हाइवे) पर जिला मुख्यालय से करीब 50 km. की दूरी पर स्थित है। ऐसी मान्यता है, कि पाली नगर राजा विक्रमादित्य की पूजा स्थल हुई करती थी। राजा विक्रमादित्य जो की एक बन्ना राजवंश शासक था, उनके द्वारा पाली में एक प्राचीन काल में शिव मंदिर का निर्माण कराया गया था, जो आज भी एक बड़े तालाब के किनारे पर स्थित है। जहां पर कई अन्य अवशेष भी देखा जा सकता हैं। मना जाता है कि यह मंदिर […] - [Banjari Mata Mandir Raipur : इतिहास, चमत्कार और नाग-नागिन की रहस्यमयी कथा](https://www.cginfo.in/banjari-dham-raipur-chhattisgarh/): Banjari Mata Mandir Raipur : पूरे देशभर में दुर्गा माता के कई प्रसिद्ध एवं अद्भुत मंदिर हैं। जिनके चमत्कारों का रहस्य शायद ही कोई नहीं जान सकता है, प्रत्येक मंदिर की अपनी अलग अलग तरह की विशेषताएं हैं। जो भक्तों की श्रद्धा उन्हें देवी दर्शन हेतु खींच लाती है। ऐसा ही एक अद्भुत एवं अनोखी मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले के बीरगांव रावांभाठा नामक स्थान में स्थित है। यह मंदिर बंजारी माता मंदिर के नाम से पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। मंदिर में स्थापित मूर्ति के बारे में यह बताया जाता है की यहां हुई खुदाई के दौरान ही […] - [चण्डी माता मंदिर बिरकोनी महासमुंद : Chandi Mata Temple Birkoni Mahasmund](https://www.cginfo.in/chandi-mata-mandir-birkoni-mahasamund/):     Chandi Mata Mandir Birkoni Mahasamund : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से लगभग 15 किलोमीटर व राजधानी रायपुर से लगभग 60 किलोमीटर की दुरी पर बिरकोनी गाँव में स्थित है माँ चंडी माता मंदिर जो माँ दुर्गा का ही एक रूप है अगर बात आती है चण्डी माता मंदिर की तो पहले याद आता है बागबाहरा में स्थित चण्डी माता मंदिर का जो जिला महासमुंद मे ही है। पर हम सायद ही यह जानते होंगे के महासमुंद जिले के ही एक अन्य गाँव बिरकोनी में स्थित है माँ चण्डी माता मंदिर जो एक शक्तिपीठ है जिसमे चण्डी माँ वास […] - [कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जगदलपुर, Kanger Ghati National Park Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/kanger-valley-natikanger-valley-national-park-bastar/):     Kanger Ghati Rashtriya Udayan Chhattisgarh: कांगेर घाटी राष्ट्रीयउद्यान का नामकरण कांगेर नदी से ही हुआ है, जो इस राष्ट्रीय उद्यान के में ही बहती हुई आगे बढ़ती है। कांगेर घाटी उद्यान करीब 200 वर्ग km. में फैला हुआ है। कांगेर घाटी को सन 1982 में एक राष्ट्रीय उद्यान की उपाधि प्राप्त हुई। ऊँचे पहाड़ ,विशाल पेड़ पौधे, गहरी घाटियाँ एवं मौसमी जंगली फूलों तथा वन्यजीवन की विभिन्न प्रजातियों के लिए यह क्षेत्र सच में अनुकूल जगह है । यह राष्ट्रीय उद्यान एक मिश्रित नम पर्णपाती प्रकार के वनों का एक विशिष्ट एवं अद्भुत मिश्रण है, जिसमे बांस, साल […] - [गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान कोरिया छत्तीसगढ़, Guru Ghasidas National park Koriya Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में राज्य का चौथा tiger reserve जल्द शुरू](https://www.cginfo.in/guru-ghasidas-tiger-reserve-korea-chhattisgarh/):   गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान कोरिया : गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान एक बहुत ही खूबसूरत जगह है, जो की छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले में स्थित है। गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान को छत्तीसगढ़ राज्य के सभी संरक्षित क्षेत्रों में सबसे महत्वपूर्ण एवं अद्वितीय माना जाता है। छत्तीसगढ़ स्थित गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान पूर्व संजय नेशनल पार्क का ही एक हिस्‍सा है। जिसे अलग उद्यान तब बनाया गया, जब मध्य प्रदेश के एक हिस्से को छत्तीसगढ़ राज्य बनाया गया था। इस राष्ट्रीय उद्यान का लगभग 60 प्रतिशत हिस्‍सा छत्तीसगढ़ के कोरिया ज़िले में ही स्थित है। जिसका नाम इस क्षेत्र के […] - [पिथमपुर शिव मंदिर: जहां रंगपंचमी पर निकलती है भगवान शिव की भव्य बारात](https://www.cginfo.in/pithampur-shiv-mandir-janjgir-champa/): Pithampur Shiv Mandir (कालेश्वरनाथ मंदिर) – जांजगीर चाम्पा का प्रसिद्ध शिव धाम: 2026 पिथमपुर शिव मंदिर छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर कालेश्वरनाथ शिव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और शिव भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र है। यह पवित्र मंदिर हसदेव नदी के किनारे स्थित है।   यह स्थान बिलासपुर जिले से लगभग 60 किलोमीटर तथा जांजगीर-चाम्पा से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण यहां आने वाले भक्तों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।   पीथमपुर से कुछ किलोमीटर की […] - [लक्ष्मण मन्दिर सिरपुर महासमुन्द : Laxman Temple Sirpur Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%a3-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9/):   Sirpur Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 70 km. व महासमुंद से लगभग 30 km. की दुरी पर महासमुंद जिले में महानदी के तट पर स्थिर है। सिरपुर अथवा श्रीपुर ऐतिहासिक जनश्रुति से प्रतीत होता है, कि भद्रावती के सोमवंशी पाण्डव नरेशों ने भद्रावती को छोड़कर सिरपुर को बसाया था। ये राजा पहले बौद्ध धर्म के अनुयायी थे, किन्तु बाद में शैवमत के अनुयायी बन गए। सिरपुर में गुप्तकाल में एवं परवर्ती काल में बहुत समय तक दक्षिण कोसल या महाकोसल की राजधानी रही।   गुप्तकालीन मन्दिर : इस स्थान पर बने ईटों के बने गुप्तकालीन मन्दिरों […] - [शिव मंदिर नगपुरा दुर्ग छत्तीसगढ़ : Shiv Mandir Nagpura Durg Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/shiva-temple-nagpura-durg-chhattisgarh/):     Shiva Temple Nagpura Durg Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से लगभग 10 किलोमीटर दूर व राजधानी रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर नागपुर गाँव में स्थित है प्राचीन शिव मंदिर जो भगवान शिव को समर्पित है|    मंदिर का गर्भ गृह : इस मंदिर के गर्भ गृह के अंदर शिवलिंग विराजमान है। यह प्राचीन मंदिर है और इसमें केवल एक गर्भगृह है। दरवाजे की चौखट अच्छी तरह से अलंकृत हैं। मंदिर की बाहरी दीवार में गणेश, हरि हारा और ब्रह्मा आदि की मूर्तियां हैं।   पूर्वाभिमुख है मंदिर : इस मंदिर का जो मुख है वह पूर्व […] - [पताल भैरवी मंदिर राजनांदगांव : Patal Bhairavi Mandir Rajnandgaon : विश्व के सबसे ऊंचे शिलिंग बर्फानी धाम राजनांदगांव छत्तीसगढ़](https://www.cginfo.in/%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ad%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a6/):   Patal Bhairavi Mandir Rajnandgaon Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में स्थित है पताल भैरवी का मंदिर जिसकी दुरी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 70 किलोमीटर है, कहते है की इस मंदिर का निर्माण 4 अप्रैल सन 1998 को किया गया था। तब से लेकर आज तक यह मंदिर माता के भक्तों के लिए व पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक विशेष श्रद्धा का केंद्र है।   मां पाताल भैरवी माता दुर्गा का ही एक रूप है जो इस मंदिर में स्थित है। कहा जाता है कि दुर्गा मां ने दुष्टों का संहार करने को रौद्र रूप धारण किया। कहते […] - [इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान बीजापुर छत्तीसगढ़, Indravati National Park Chhattisgarh : Tourism Places of Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/indravati-national-park-wildlife-sanctuary-chhattisgarh-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9b%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-seo-friendly/):   इंद्रावती वन्यजीव अभयारण्य छत्तीसगढ़ : इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे प्रसिद्ध एवं विख्यात पर्यटन स्थलों में से है, जहां की रोमांचक सैर का आनंद लेने के लिए यहां दूर दूर से पर्यटक यहां आते है। छत्तीसगढ़ राज्य भारत का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण राज्य है, जो की अपनी वन तथा खनिज संपदा के लिए पूरे देश में विख्यात है। इस राज्य का गठन एक नवंबर सन 2000 में मध्य प्रदेश से पृथक कर के किया गया था। इतिहास की ओर प्रकाश डालें तो यह पता चलता है कि जिसे आज छत्तीसगढ़ के नाम से जाना जाता है वह […] - [राम टेकरी रतनपुर – पहाड़ों के बीच बसा भगवान राम का अद्भुत मंदिर : Ramtekri Ratanpur Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/ram-tekri-ratanpur-chhattisgarh/): Ramtekri Ratanpur Chhattisgarh: 2026 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से लगभग 25 किलोमीटर और रायपुर से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी पर रतनपुर में स्थित राम टेकरी एक प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल है। यह मंदिर एक ऊँची पहाड़ी पर बना हुआ है, जिसके कारण इसे राम टेकरी कहा जाता है। मंदिर में भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान की सुंदर ग्रेनाइट मूर्तियाँ स्थापित हैं। पहाड़ी की ऊँचाई पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी अद्भुत अनुभव कराता है। राम टेकरी का भौगोलिक विवरण: राम टेकरी मंदिर एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है […] - [गंगरेल बांध छत्तीसगढ़ – धमतरी का मिनी गोवा | Gangrel Dam (Ravishankar Sagar Dam) Complete Guide](https://www.cginfo.in/gangrel-dam-ravishankar-sagar-mini-goa-dhamtari-chhattisgarh/):   Gangrel Dam Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से लगभग 10 किलोमीटर व राजधानी रायपुर से लगभग 90 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है गंगरेल बांध जिसे मिनी गोवा भी कहा जाता है | गंगरेल बांध को रविशंकर बांध भी कहा जाता है। धमतरी जिले में स्थित यह बांध पर्यटकों के लिए काफी प्रसिद्ध है। इस बांध का निर्माण महानदी पर हुआ है। 10 MV क्षमता की गंगरेल हाइडल पावर प्रोजेक्ट नामक एक हाइडल पावर परियोजना द्वारा आसपास के क्षेत्र हेतु विद्युत का उत्पादन किया जाता है। गंगरेल बाँध में जल धारण क्षमता लगभग 15,000 क्यूसेक है। इस बांध […] - [शिवरीनारायण धाम छत्तीसगढ़ – शबरी माता और राम कथा से जुड़ा पवित्र संगम | Shivrinarayan Temple Complete Guide](https://www.cginfo.in/shivrinarayan-dham-shabri-mata-ram-katha-janjgir-champa-chhattisgarh/):   भगवान श्री शिवरीनारायण धाम : शिवरीनारायण जिला मुख्यालय से करीब 50 km.  दक्षिण की ओर तथा बिलासपुर शहर से सड़क मार्ग पर 60 km. की दूरी पर एवं रायपुर से करीब 178 km. की दूरी पर स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। जो की जांजगीर चांपा जिले के शिवनाथ, महानदी तथा जोक इन तीन नदियों के पवित्र संगम पर शबरी-नारायण नाम का यह अद्भुत मंदिर स्थित है, वास्तुकला की दृष्टि से लगभग 12वीं शताब्दी में हैह्य वंश के शासन काल में हैह्य वंशी राजाओं द्वारा शबरी नारायण मंदिर में चतुर्भुजी भगवान विष्णु तथा माता शबरी जी की  प्रतिमा […] - [मॉं मडवारानी मंदिर कोरबा छत्तीसगढ़ : Maa Madvarani Mandir Korba Chhattisgarh : Chhattisgarh Tourism Places](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%a1%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%be/): Ma Madwarani Mandir Korba Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से लगभग 30–40 किलोमीटर और राजधानी रायपुर से करीब 170 किलोमीटर की दूरी पर, कोरबा–चांपा मार्ग पर एक ऊँची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है माँ मड़वारानी मंदिर। यह स्थान केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और लोककथाओं का जीवंत संगम है, जहाँ हर साल हजारों भक्त माँ के दर्शन के लिए पहुँचते हैं।   🛕 मंदिर तक पहुंचने का अनुभव: जब आप इस पवित्र धाम की ओर बढ़ते हैं, तो रास्ते में ही माँ मड़वारानी का एक छोटा मंदिर दिखाई देता है, जिसे उनका प्रतिरूप माना जाता है। यहीं […] - [कैलास गुफा बस्तर, छत्तीसगढ़ : Kailash Cave Bastar Chhattisgarh : Chhattisgarh Tourism Places](https://www.cginfo.in/kailash-cave-bastar-chhattisgarh/):   Kailash Cave Bastar, Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर से लगभग 40 किलोमीटर व राजधानी रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर की दुरी पर तुलसी डोंगरी पहाड़ी पर स्थित है कैलास गुफा, यह गुफा इस क्षेत्र की सबसे पुरानी गुफा है I प्राकृतिक सुंदरता को प्रसिद्ध बस्तर में सुंदरता का भण्डार है और इसी सुंदरता में शामिल है कैलाश गुफा जिसकी लम्बाई 250 मीटर व गहराई 35 मीटर है, गुफा के अंदर बहोत सारे शिवलिंग बने हुए है यही कारण है के इसे कैलाश गुफा कहते है, यह थोडा बहुत कुटुमसर गुफा की तरह दिखता है। चौकाने वाली […] - [चंडी माता मंदिर घुंचपाली महासमुंद – इतिहास, नवरात्रि मेला और यात्रा गाइड](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a6-chand/):   Chamdi Mata Mandir Bagbahara Chhattisgarh : चंडी माता मंदिर जिला महासमुंद, विकासखंड बागबाहरा के घुंचपाली गाँव में स्थित है। जो जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दुरी पर स्थित हैं। माँ आदिशक्ति का यह रूप तंत्रोक्त सिद्धि के लिए जाना जाता था। जहाँ सिर्फ तांत्रिक और अघोरियों का बस आना-जाना हुआ करता था। सन 1950-51 के आसपास लोगो के लिए चंडी माता मंदिर को खोल दिया गया। बहुत सारे छोटे-मोठे पहाड़ियों से घिरा Chandi Mata की इस मंदिर में बहुत ही मनोरम दृश्य देखने को मिलता हैं। चंडी माता मंदिर पहुंचने से पहले दो पहाड़ियों के बीच से […] - [मानव निर्मित छत्तीसगढ़ का सबसे खुबसूरत मंदिर ओना कोना : Onakona Mandir Chhattisgarh Tourism Places](https://www.cginfo.in/onakon-mandir-dhamtari-chhattisgarh/):   Onakon Mandir : NH-30 रायपुर – बस्तर मार्ग मे धमतरी से लगभग 35 किलोमीटर व राजधानी रायपुर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ओना कोना गाँव जहा है ओना कोना मंदिर I यह मंदिर कला का नायाब नमूना हैI छत्तीसगढ़ के एक कोने में बसा है यह भव्य मंदिर, कहते है के ये गंगरेल का आखरी छोर भी है I यह मंदिर बलोद के गुरूर विकास खंड के अंतर्गत आता है, यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित मंदिर । ओना कोना मंदिर आने वाले समय में सबसे खूबसूरत पिकनिक स्पॉट व पर्यटन स्थल में सामिल होगी […] - [Tifra Kali Mandir Bilaspur: इतिहास, महत्व, नवरात्रि उत्सव और कैसे पहुँचे](https://www.cginfo.in/tifra-kali-mandir-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4/): Tifra Kali Mandir Bilaspur Chhattisgarh: 2026 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तिफरा क्षेत्र में स्थित Tifra Kali Mandir माँ काली का एक प्रसिद्ध और पवित्र मंदिर है। यहाँ स्थापित माँ काली की मनमोहक और भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह मंदिर लगभग 15 वर्ष पहले गुरु के आशीर्वाद और दिव्य प्रेरणा से बिलासपुर के तिफरा यदुनंदन नगर में स्थापित किया गया था। वर्तमान समय में यह मंदिर बिलासपुर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक बन चुका है। यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन करने के लिए पहुँचते हैं।   बिलासपुर स्थित […] - [ढोलकल गणेश दंतेवाड़ा – इतिहास, ट्रेकिंग और यात्रा गाइड](https://www.cginfo.in/%e0%a4%a2%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b2-%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%a6%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d/):   Dholkal Ganesh : छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा जिले से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, गणेश की अदभुत प्रतिमा ढोलकल गणेश, यह प्रतिमा 3000 फीट की ऊंचाई पर फसरपाल पहाड़ पर विराजमान हैं लोगों का मानना है कि यह मुर्ति 9वीं शताब्दी में स्थापित की गई थी। ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित इस मुर्ति की लंबाई 3 फुट व चौड़ाई 3.5 फुट है।   परशुराम जी से हुआ था गणेश जी का युद्ध : यहां के लोगों का मानना है कि भगवान गणेश और परशुराम के बीच लड़ाई इसी फरसपाल की चोटी पर हुई थी। परशुराम भगवान विष्णु के […] - [राम झरना रायगढ़ : Ram Jharna Raigarh : Chhattisgarh Tourism Places : रामझरना रायगढ़ जहाँ ठहरे थे प्रभु श्री राम](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%9d%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-ram-jharna-raigarh-chhattisgarh-tourism-places-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae/):     Ram Jharna Bhupdeopur : रायगढ़ जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर खरसिया ब्लाक के रामझरना (भूपदेवपुर) जो सिंघनपुर पहाड़ी के पास स्थित है, दर्शानिक स्थल के रूप में काफी प्रसिद्ध है जहां हर वर्ष जिले सहित आसपास के लोग अधिक मात्रा में पहुचते है जैसे – जांजगीर, बिलासपुर, अंबि कापुर, जशपुर, महासमुंद उड़ीसा के बरगढ़, झारसुगड़ा, बलागीर के हजारों लोग यहा घुमने आते है।   करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में बसे रामझरना का आकर्षण मुख्य द्वार से लंबा रास्ता होते हुए घने जंगल के अंदर में प्राकृतिक रूप से बना जल कुंड है जहां से अनवरत जल […] - [बैलाडीला लौह अयस्क खदान दंतेवाड़ा – इतिहास, उत्पादन और पूरी जानकारी](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b2%e0%a5%8c%e0%a4%b9-%e0%a4%85%e0%a4%af%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80/):   बैलाडीला भारत का दूसरा सबसे बड़ा लोहे का खदान : बैलाडीला छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित पहाड़ियों की एक बेहद सुंदर श्रृंखला है जहाँ प्रचुर मात्रा में लौह अयस्क अर्थात लौह खनिज पाया जाता है। बैलाडीला में हर साल करीब 43 मिलियन टन से भी ज्यादा लौह अयस्क का उत्पादन होता है। बैलाडीला की संस्थापित तिथी अप्रैल 1968 है। 30/06/2021 के अनुसार यहां कर्मचारियों की कुल संख्या 1600 है। यहां पर स्थित पर्वत की सतह बैल के कूबड़ की तरह दिखती पढ़ती है, जिसके कारण इसे “बैला डीला” का नाम दिया गया है, जिसका अर्थ होता है बैल की कूबड़। […] - [माँ सर्वमंगला देवी मंदिर कोरबा : कोरबा पर्यटन स्थल : Maa Sarvmangala Mandir Korba : Chhattisgarh Tourism Places](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0/):   Sarvmangala Mandir Korba : कोरबा मुख्यालय से 5 किलोमीटर व बिलासपुर से 70 किलोमीटर दूर कोरबा से पंतोरा व कटघोरा जाने वाले रास्ते पे हसदेव नदी व नहर के किनारे दुरपा गाँव में स्थित है माँ सर्वामंगला मंदिर जो कोरबा जिले के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है | मंदिर का इतिहास वैसे तो 122 साल पुराना है। जिसकी स्थापना सन् 1898 के आस पास मानी जाती है। लेकिन इस मंदिर को कोरेश के जमींदार में से एक राजेश्वर दयाल के पूर्वजों द्वारा बनवाया था।   यहाँ मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है, यहा मंदिर त्रिलोकिनाथ मंदिर, काली मंदिर […] - [Giroudhpuri Dham Balodabazar Chhattisgarh, गिरौधपुरी धाम बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ : Chhattisgarh tourism place](https://www.cginfo.in/giroudhpuri-dham-balodabazar-chhattisgarh-%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8c%e0%a4%a7%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a4%b2%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a4%be/):   गिरौदपुरी धाम बलौदाबाजार : बलौदाबाजार जिले से करीब 40 किमी की दूरी पर एवं बिलासपुर जिले से करीब 80 किमी की दूरी पर महानदी तथा जोंक नदियों के संगम में स्थित, गिरौधपुरी धाम छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे सम्मानित एवं प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। एक छोटे से गांव जहां आध्यात्मिकता एवं ऐतिहासिक हित के गहरे संबंध छिपे हुए हैं, छत्तीसगढ़ राज्य के सतनामी पंथ गुरु घासीदास जी के संस्थापक का जन्म स्थल भी है। जिनका जन्म इसी क्षेत्र के एक किसान परिवार में हुआ था, और एक दिन वे छत्तीसगढ़ के सम्मानित व्यक्ति गुरु घासीदास बन गए। […] - [Chapi Dam Ratanpur : बिलासपुर के पास प्राकृतिक पिकनिक और नज़ारे देखने का स्थल](https://www.cginfo.in/chapi-dam-ratanpur-near-bilaspur-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%af-%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%aa/): Chapi Dam Ratanpur Chhattisgarh: 2026 चापी डैम रतनपुर से लगभग 12-14 किलोमीटर की दूरी पर पेंड्रा रोड में स्थित है। यह चपोरा गाँव में है और एक खूबसूरत पिकनिक स्पॉट है। बिलासपुर के पास के लोग यहाँ परिवार या दोस्तों के साथ घूमने आते हैं। रतनपुर में दो डैम हैं – खुटाघाट डैम और चापी डैम। चापी डैम आसानी से रतनपुर से पहुँचा जा सकता है।   जाने खूंटाघाट बांध के बारे में...   Chapi Dam में आप कर सकते हैं: •सैर-सपाटे (Sightseeing) •मछली पकड़ना (Fishing) •कैम्पफायर (Campfire) •फोटो शूट (Photography) •परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक •पर्यटकों के लिए […] - [मल्हार बिलासपुर छत्तीसगढ़ : Malhar Bilaspur Chhattisgarh : Chhattisgarh Tourism Places Near Bilaspur Chhattisgarh,](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2/):     Malhar Mandir Masturi Bilaspur : बिलासपुर शहर से करीब 30 किलोमीटर व राजधानी रायपुर से करीबन 130 किलोमीटर बिलासपुर से शिवरीनारायण जाने वाली सड़क मार्ग पर स्थित है मल्हार, जो मस्तुरी से 14 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। सातवी से दसवी शती के मध्य विकसित मल्हार की मूर्तिकला में उत्तर गुप्त युगिन विशेषताए स्पष्ट परिलक्षित है। मल्हार में बौद्ध स्मारकों एवं प्रतिमाओ का निर्माण इस काल की विशेषता है। यहाँ प्राचीन मुर्तिया तथा कलाकृतिया बेसुमार है।       मां डिडनेश्वरी मंदिर मल्हार: शुद्ध काले ग्रेनाइड से बनी मां डिडनेश्वरी की प्रतिमा लोगों की आस्था का केंद्र […] - [ताला गांव, देवरानी जेठानी मंदिर ताला गांव बिलासपुर : छत्तीसगढ़ की सबसे प्राचीन मंदिर ताला गांव में स्थित है।](https://www.cginfo.in/%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%a0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/):   Tala Gaon : ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक क्षेणी के मनोहर सौंदर्य जो अतीत में वापस जाने एवं कालातीत मूर्तियों द्वारा मंत्रमुग्ध हो जाने जैसा है। निश्चित ही अनंत काल एवं कलात्मक पत्थर की मूर्तियों की यह भूमि ताला, अमेरिकापा गांव के समीप मनियारी नामक नदी के तट पर स्थित है।  ताला शिवनाथ एवं मनियारी नदी के संगम पर स्थित है। देवरानी जेठानी मंदिरों के नाम से सबसे मशहूर ताला की खोज सन 1873 – 74 में जे.डी. वेलगर नामक व्यक्ति ने किया था, जो की प्रसिद्ध पुरातत्वविद अलेक्जेंडर कनिंघम के प्रमुख सहायक थे । इतिहासकारों द्वारा यह दावा किया गया […] - [बाबा धाम रायगढ़ की जीवन कहानी : Baba Dham Raigarh Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87/):   Satnarayan Baba Dham Raigarh Chhattisgarh: भारत देश पहले से ही संतो एवं महात्माओं का देश माना जाता आ रहा है, मना जाता है कि संत साधना भक्ती द्वारा ही मोक्ष प्राप्ती की कोशिश करते हैं। लेकिन वर्तमान में ऐसे बहुत ही कम योगी हैं जो सांसारिक सुख सुविधाओं को त्याग कर तप में लीन हो जाते हैं, इनमे से एक छत्तीसगढ़ के रायगढ़ (Raigarh) जिले के हठयोगी बाबा सत्यनारायण जी हैं। ये ना केवल लोगों के आस्था के ही प्रतीक है, बल्कि विज्ञान को भी चुनौती दे रहे हैं। रायगढ़ शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर स्थित कोसमनारा गांव ना […] - [दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा – इतिहास, शक्तिपीठ और यात्रा गाइड](https://www.cginfo.in/%e0%a4%a6%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-danteshwari-temple-dantewada-chhattisgarh-tourist-places/): Danteswari Mandir : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 120 किलोमीटर दूर छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा में स्थित है मां दंतेश्वरी देवी मंदिर जो दन्तेश्वरी देवी को समर्पित है। इस मन्दिर का निर्माण 14वीं शताब्दी में किया गया था। दन्तेवाड़ा शहर का नाम माता दन्तेश्वरी के नाम पर पड़ा है जो काकतीय राजाओं की कुलदेवी थी |   दंतेश्वरी मंदिर को 52वां शक्तिपीठ माना जाता है : दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर, छः भुजाओं वाली है माता की मूर्ति वैसे तो देवी पुराण में 51वां शक्तिपीठों का ही जिक्र है, लेकिन कुछ स्थानीय मान्यताएं अलग कहती हैं। छत्तीसगढ़ के […] - [रहस्यमयी दलहा पहाड़ जहां नागपंचमी पर चमत्कारी कुंड का पानी पीने उमड़ते हैं लाखों श्रद्धालु : Dalha Pahad Akaltara Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/dalha-pahad-janjgir-champa-chhattisgarh/):   Dalha Pahad Akaltara Chhattisgarh: 2026 दल्हा या दलहा पहाड़ छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की अकलतरा तहसील के दलहापोड़ी गांव में स्थित एक प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक स्थल है। यह पहाड़ धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक महत्व के कारण पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। विशेष रूप से नागपंचमी और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। नागपंचमी पर दलहा पहाड़: नागपंचमी के दिन दलहा पहाड़ का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। इस दिन हजारों श्रद्धालु पर्वत, जंगल और पत्थरीले रास्तों से पैदल लगभग 4 किलोमीटर की चढ़ाई करके सूर्यकुंड तक पहुंचते हैं। […] - [हसदेव बांगो डैम : Bango Dam Korba Chhattisgarh tourist place](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8b-%e0%a4%a1%e0%a5%88%e0%a4%ae-bango-dam-chhattisgarh-tourist-place/): Bango Dam : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से लगभग 50 किलोमीटर व छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 200 किलोमीटर दूर हसदेव नदी पर स्थित है, हसदेव बांगो डैम जो अभियांत्रिकी का एक बहुत ही बेहतरीन नमुना है, इसका निर्माण 1961-62 में हसदेव नदी में किया गया था। यह छत्‍तीसगढ़ का सबसे लम्‍बा व चौड़ा डैम है, जिसका जलभराव क्षेत्रफल लगभग 6730 वर्ग कि.मी. है, यह छत्‍तीसगढ़ का पहला बहुउद्येशीय परियोजना भी है, इसे हसदेव-बांगो परियोजना या मिनीमाता बांध के नाम से भी जाना जाता है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन के लिए यह बांध प्रसिद्ध है। हसदेव बांगो बांध, आकर्षक पहाड़ियों […] - [चैतुरगढ़ कोरबा – छत्तीसगढ़ का कश्मीर, इतिहास और यात्रा गाइड](https://www.cginfo.in/chaiturgarh-the-kashmir-of-chhattisgarh-%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-top-hill-stations-of-chhattisgarh-state/):   Chaiturgarh The Kashmir Of Chhattisgarh चैतुरगढ़ जिसे लाफागढ़ नाम से भी जाना जाता है, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पाली से  लगभग 25 किलोमीटर उत्तर दिशा की ओर 3060 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ी के  सबसे ऊपरी शीर्ष पर स्थित है। जिसे राजा पृथ्वीदेव प्रथम के शासनकाल में उनके द्वारा बनवाया गया था। पुरातत्वविदों द्वारा इसे मजबूत प्राकृतिक किलो के रूप में सम्मिलित किया गया है, यह चारों ओर से काफ़ी मजबूत प्राकृतिक दीवारों से घिरा हुआ एवं संरक्षित है जिसके चलते यहां कुछ स्थानों पर ही ऊंची दीवारों का निर्माण […] - [सतरेंगा पिकनिक स्पॉट : Satranga Korba : Chattisgarh Tourism Places](https://www.cginfo.in/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%89%e0%a4%9f-satranga-korba-chattisgarh-tour/): फोटो : सशी साहू  Satranga : कोरबा शहर से लगभग 38 कि.मी. और बिलासपुर शहर से लगभग 126 कि.मी. दूर बांगो रिसर्वायर में सतरेंगा गांव पे स्थित है यह झील जो खुबसूरत पहाड़ो से घिरा हुआ है। इस झील का आनन्द लेने लोग बड़ी दूर – दूर से आते है। यहां पहुंचने पर सबसे पहले आपको दुर से ही एक खुबसुरत महादेव पहाड़ का नजारा दिखेगा जो इस जगह का एक दर्शनीय स्‍थल है जहां बहुत सारे लोग इस नेचुरल ब्‍युटी की फोटो भी लेते जाते हैं, इसके अलावा आपको यहां एक 1400 साल पुराना साल वृक्ष (Soreya Robasta) भी देखने को […] - [बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य छत्तीसगढ़, Barnawapara Wildlife Sanctuary Chhattisgarh : Chhattisgarh Tourist Places](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be/): Barnawapara : बरनवापारा वन्यजीव अभ्यारण संरक्षण अधिनियम के तहत 1976 को सरकार द्वारा स्थापित किया गया था, यह छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में स्थित है जो महासमुंद से अलग होकर एक नया जिला बना । यह 244.66 वर्ग किलोमीटर मे फैला है बारनवापारा अभ्यारण्य छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता है। बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य का नाम बार तथा नवापारा वन्य ग्रामों के नाम पर रखा गया है, जिसे वन्य अभ्यारण्य का दिल कहते है। बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य रायपुर जिले के उत्तर-पूर्व में स्थित छोटी बड़ी पहाड़ियों से पूरी तरह युक्त एक बड़ा भूभाग है। यहाँ पानी का प्रमुख साधन […] - [मरही माता मंदिर भनवारटंक पूरा इतिहास और जानकारी 2026 (Marhi Mata Temple)](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%9f%e0%a4%82%e0%a4%95-marhi/): मरही माता मंदिर भनवारटंक – इतिहास, आस्था और सम्पूर्ण जानकारी 2026: मरही माता मंदिर (Marhi Mata Temple) छत्तीसगढ़ के घने जंगलों के बीच स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भनवारटंक रेलवे स्टेशन के पास स्थित है, जो गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला और बिलासपुर के बीच पड़ता है। यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के कारण पिकनिक स्पॉट के रूप में भी प्रसिद्ध है। मरही माता मंदिर की महिमा और श्रद्धालुओं की आस्था: मरही माता पूरे छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। दोनों नवरात्रि में यहां ज्योति कलश स्थापित किए जाते हैं। […] - [खुटाघाट डैम रतनपुर : Picnic Spot near bilaspur : Khutaghat Dam Bilaspur Chhattisgarh, in hindi](https://www.cginfo.in/khutaghat-bandh-bilaspur/): Khutaghat Dam Ratanpur  बिलासपुर शहर से लगभग 25 किलो मीटर की दूरी पर रतनपुर में स्थित खुटाघाट जो की छत्तीसगढ़ के प्रमुख बांध की श्रेणी में आता है , इसका निर्माण आज से लगभग 85 साल पहले अंग्रेजी सरकार के शासन काल में हुआ था । खुटाघाट एक बहुत पुराना दर्शनीय स्थल है , यहा साल में एक बार तिज के दिन मेले का आयोजन होता है जिसमें दूर दूर से लोग आए हुए रहते है और हर साल यहां लोगो की भारी भीड़ उमड़ी रहती है। इन दिनों बारिश अधिक होने के चलते यह बांध पानी से पूरा भरा रहता […] - [रतनपुर यात्रा : Mahamaya Mandir Ratanpur से लेकर खुटाघाट डैम तक पूरी जानकारी](https://www.cginfo.in/mahamaya-mandir-ratanpur-chhattisgarh/): Mahamaya Mandir Ratanpur Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ का रतनपुर एक अत्यंत प्राचीन, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाला नगर है, जो अपने मंदिरों, तालाबों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। ऐसा कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति यहाँ स्थित सभी मंदिरों का एक ही दिन में दर्शन करना चाहे, तो पूरा दिन भी कम पड़ जाता है। इतिहास के अनुसार, कल्चुरी वंश के शासनकाल में रतनपुर को छत्तीसगढ़ की राजधानी के रूप में स्थापित किया गया था। उस समय यहाँ लगभग 1200 से अधिक तालाब हुआ करते थे, जिसके कारण इसे “तालाबों का शहर” भी कहा जाता था। वर्तमान में इनकी […] - [चीटीं चटनी उतार देती है बुखार, होती है स्वाद में बेमिसाल : छत्तीसगढ़ के इस इलाके में मिलती है चीटीं की चटनी](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ac%e0%a5%81/): फ़ोटो : प्रिंस नायक  Chhattisgarh Me Milti Hai Lala Chiti Chatni Khane Se Hoti Hai Kai Bimariya Dur : आज तक आपने कई प्रकार के चटनी खाई होगी, भारत में लगभग हर घर में चटनी बनाई और खाई जाती है। इसके कई प्रकार होते है, किसी को धनिया की चटनी पसंद होती है तो किसी को मिर्च की तो किसी को आम की तो चटनी पसंद होती है। चटनी में आपको कई प्रकार के स्वाद मिल जाते है। आपको खट्टी, मीठी और तीखी चटनी के ऑप्शन आसानी से मिल जाते है। लेकिन क्या आपने कभी लाल चींटी की चटनी खाने […] - [बिलासपुर के आस पास पिकनिक मनाने लायक अच्छी जगह : Nature Camp, Picnic Spot Near Bilaspur, Khondra](https://www.cginfo.in/nature-camp-boirpadav-khondra-bilaspur-cg/): Nature Camp Boirpadav khondra a Picnic Spot Near Bilaspur C.G. : नेचर कैम्प, बोइर पड़ाव जिसे खोंद्रा के नाम से भी जाना जाता है, बिलासपुर से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर नेचर कैंप boirpadav पर्यटन स्थल स्थित है । यहां पर एक बेहद खूबसूरत जलप्रपात घने जंगल के बीच बनता है । जिसे देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहां पर भ्रमण करने आते हैं । यह जलप्रपात चारो तरफ से घने जंगलों से घिरा हुआ है । पिकनिक मनाने के लिए यह जगह बहुत ही अच्छी है जिसके कारण काफी दूर दूर से यह लोग पिकनिक मनाने आया […] - [Amritdhara Waterfall : अमृतधारा जलप्रपात कोरिया, छत्तीसगढ़](https://www.cginfo.in/amritdhara-waterfall-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0/): Amritdhara Waterfall : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH43 और नागपुर ग्राम पंचायत से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है अमृतधारा जलप्रपात | हसदेव नदी पर स्थित है अमृतधारा जलप्रपात प्रकृति का एक सुंदर दृश्य है | अमृतधारा जलप्रपात छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े और खूबसूरत जलप्रपातो में से एक है इस झरने की ऊँचाई 90 फीट है । झरने के आसपास घने जंगल इसकी ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा देते हैं I   अमृतधारा को लोग काफी पसंद करते है – वैसे तो छत्तीसगढ़ में कई धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं, जो अपनी ओर पर्यटकों को […] - [Government Engineering College Bilaspur Chhattisgarh overall Reviews](https://www.cginfo.in/government-engineering-college-bilaspur-chhattisgarh-overall-reviews/):   Government Engineering College Bilaspur Chhattisgarh- शासकीय इंजीनियर महाविद्यालय बिलासपुर की स्थापना सन् 1964 में किया गया था जो छत्तीसगढ़ का सबसे पुराना इंजीनियर कॉलेज है । जो बिलासपुर जिले के कोनी (कोनी) में स्थित है जो बिलासपुर सिटी से लगभग 6 किलो मीटर दूर है। इस कॉलेज में प्रवेश PET के माध्यम से हुआ करता है । प्रारंभ मे यहां एडमिशन बोर्ड मेरिट लिस्ट के आधार पर हुआ करता था। Students first , second choice- जी हां यह कॉलेज छत्तीसगढ में बहुत अधिक प्रसिद्ध है साथ ही PET रैंक की बात करे तो यह प्रत्येक छात्रों की प्रथम या […] - [Chhattisgarh ke Veer Shahid ‘कौशल यादव’ की कहानी](https://www.cginfo.in/shaheed-kaushal-yadav-ki-kahani/):   Introduction: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के वीर सपूत शहीद कौशल यादव की शहादत को पूरा देश नमन करता है। साल 1999 के Kargil War में उन्होंने अपने साहस और बहादुरी से इतिहास रच दिया। वे उन वीर सैनिकों में से थे जिन्होंने देश के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी।   Early Life (शुरुआती जीवन): कौशल यादव का जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई (दुर्ग) में हुआ था। बचपन से ही उनका सपना था कि वे बड़े होकर सेना में जाएं और देश की सेवा करें। 👉 वे स्कूल के दिनों से ही आर्मी के बारे में जानकारी जुटाते थे […] - [Chhattisgarh - For the lovers of hills : पहाड़ी प्रेमियों के लिए छत्तीसगढ़](https://www.cginfo.in/chhattisgarh-for-the-lovers-of-hills-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87/): छत्तीसगढ़ को लोग झरनों, किलों और मंदिरों के राज्य के रूप में जानते हैं। लेकिन, आप में से कितने लोग इस तथ्य से अवगत हैं कि छत्तीसगढ़ कुछ अद्भुत हिल स्टेशनों का भी घर है जो शहर से एक आदर्श पलायन हैं। मैनपाट, चिरमिरी, अंबिकापुर, गड़िया पर्वत और बैला डिला राज्य के कुछ सबसे प्रमुख हिल स्टेशन हैं।आइए एक नजर डालते हैं छत्तीसगढ़ के खूबसूरत हिल स्टेशनों पर: 01 मैनपाट– तिब्बती शरणार्थी बस्तियों के कारण मैनपाट को मिनी तिब्बत भी कहा जाता है। 1100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, सुंदर हिल स्टेशन में कुछ घने जंगल और झरने हैं। यह […] - [महामाया मंदिर रतनपुर, Mahamaya Devi Temple Ratanpur : माँ महामाया देवी मंदिर](https://www.cginfo.in/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-mahamaya-devi-temple-ratanpur/):   51 शक्तिपीठ में सामिल मां महामाया देवी रतनपुर महामाया मंदिर रतनपुर (Mahamaya Mandir Ratanpur) : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से करीब 25 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है, आदिशक्ति मां महामाया देवी जी की पवित्र पौराणिक नगरी रतनपुर है।ऐसी मान्यता है कि त्रिपुरी के कलचुरियों की एक शाखा के द्वारा रतनपुर को अपनी राजधानी बनाकर दीर्घकाल तक छत्तीसगढ़ राज्य में शासन किया गया। राजा रत्नदेव प्रथम के द्वारा मणिपुर नामक गांव को रतनपुर नाम देकर अपनी राजधानी बनायी गई तथा इसके साथ ही साथ श्री आदिशक्ति मां महामाया देवी मंदिर का निर्माण राजा रत्नदेव प्रथम के द्वारा 11वी शताब्दी […] - [पंडवानी गीत किसे कहते है - पंडवानी गीत क्या है - तीजन बाई : Pandavani Geet Kya Hai : Pandavani Geet Kise Kahte Hai](https://www.cginfo.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%aa/): Pandavani Geet : पंडवानी एक छत्तीसगढ़ी लोक-गायन शैली है, जिसका अर्थ है पांडववाणी – अर्थात पांडवकथा है। इसमें  महाकाव्य महाभारत के पांडवो की कथा सुनाई जाती है, जिसमे भीम मुख्य किरदार होता है। ये कथाएं छत्तीसगढ़ की परधान तथा देवार छत्तीसगढ़ की जातियों की गायन परंपरा है। परधान गोंड की एक उपजाति है और देवार धुमन्तू जाति है। इन दोनों जातियों की बोली, वाद्यों में अन्तर है। परधान जाति के कथा वाचक या वाचिका के हाथ में “किंकनी” होता है और देवारों के हाथों में र्रूंझू होता है।आज के संदर्भ में पंडवानी ख्याती दिलाने का श्रेय सुप्रसिद्ध कलाकार तीजन बाई को जाता […] - [Teejan Bai Biography: पंडवानी की रानी तीजनबाई की संघर्ष से सफलता तक की पूरी कहानी](https://www.cginfo.in/%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a5%e0%a4%be-biography-of/): कौन हैं Teejan Bai? (Teejan Bai Biography): आज हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ की उस महान कलाकार की, जिन्होंने Mahabharata जैसी विश्वप्रसिद्ध कथा को एक अनोखे अंदाज में लोगों तक पहुंचाया। तीजनबाई पंडवानी गायन की पहली प्रमुख महिला कलाकारों में से हैं, जिनका प्रस्तुतीकरण वाकई काबिल-ए-तारीफ है। वे मंच पर खड़े होकर, कभी घुटनों के बल बैठकर और हाथों में तंबूरा लेकर महाभारत की कथा को गाकर प्रस्तुत करती हैं—जिसे पंडवानी कहा जाता है। यही कारण है कि वे आज पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं।   पंडवानी परंपरा को गहराई से समझने के लिए पढ़ें Pandwani क्या है और […] - [Anuj Sharma Biography: ऑर्केस्ट्रा से छत्तीसगढ़ के नंबर 1 सुपरस्टार बनने की कहानी](https://www.cginfo.in/anuj-sharma-biography-in-hindi/): किसी भी इंसान को फिल्मों में काम करने के लिए अक्सर डायरेक्टर के पास जाना पड़ता है, ऑडिशन देना पड़ता है और लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो इस आम धारणा को बदल देती हैं। आज हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के ऐसे ही सुपरस्टार की, जिन्हें खुद डायरेक्टर ने बुलाकर फिल्म में हीरो बनने का मौका दिया — और वो नाम है अनुज शर्मा। शुरुआती जीवन और संघर्ष: अनुज शर्मा का जन्म 15 मई 1976 को भाटापारा में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई भी यहीं हुई। […] - [छत्तीसगढ़ की बोहार भाजी आखिर क्यों है सबसे महंगी, जानें- इसकी क्या-क्या हैं खूबियां?](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%86/): Bohar bhai: छत्तीसगढ़ में खान पान का एक अलग ही रवैया है, यहां के लोग ख़ाने में भाजी खूब पसंद करते हैं और छत्तीसगढ़िया भाजियों में सबसे महंगी भाजी होती है – बोहार भाजी…     बोहर भाजी – भले ही साल भर में कुछ दिनों तक ही मिल पाती है | लेकिन इसके लाजवाब स्वाद के लिये लोग हर कीमत देने को तैयार रहते है | कहते हैं कि खान पान का तरीका किसी भी जगह की प्राकृतिक और भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करता है | अगर छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां मैदानी और जंगली इलाके ज्यादा है लिहाजा […] - [चन्द्रहासिनी मंदिर चंद्रपुर छत्तीसगढ़ : Chandrahasini Mandir Chandrapur : tourism places of Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): चन्द्रहासिनी मंदिर : जांजगीर-चांपा जिलान्तर्गत रायगढ़ से लगभग 30 कि.मी. और सारंगढ़ से 20 कि.मी. की दूरी पर स्थित, डभरा तहसील में मांड नदी, लात नदी और महानदी के संगम पर स्थित चन्द्रपुर है जहाँ माँ चंद्रहासिनी देवी का मंदिर है। यह सिद्ध शक्ति पीठों में से एक है। मां दुर्गा के 52 शक्तिपीठों में से एक स्वरूप मां चंद्रहासिनी के रूप में विराजित है। चन्द्रमा की आकृति जैसा मुख होने के कारण इसकी प्रसिद्धि चंद्रहासिनी और चंद्रसेनी माँ के नाम से जानी जाती है। माँ चंद्रहासिनी पर हम सभी का अपार श्रद्धा एवं विश्वास है। भक्त माता के दरबार […] - [राम नाम का गोदना पूरे शरीर पर – ramnami samaj chhattisgarh की अनोखी भक्ति परंपरा जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान](https://www.cginfo.in/ramnami-samaj-chhattisgarh-ram-naam-tradition/): ramnami samaj chhattisgarh Introduction: छत्तीसगढ़ में भक्ति की एक ऐसी अनोखी परंपरा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। यह परंपरा है रामनामी समाज की, जहां लोग अपने पूरे शरीर पर “राम” नाम का गोदना बनवाकर भगवान श्रीराम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा दिखाते हैं। पूरे शरीर में राम नाम, सिर पर मोरपंख का मुकुट और राम नाम लिखे वस्त्र पहनकर ये लोग भक्ति की अलख जगाते हैं।   🕉️ 100 साल से भी पुरानी परंपरा: रामनामी समाज की यह अनोखी परंपरा करीब 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है। हर साल पूष मास के शुक्ल पक्ष की […] - [Ulta Pani Mainpat – पानी और गाड़ियां क्यों चलती हैं ऊपर?](https://www.cginfo.in/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%be/): Mainpat Magnetic Hill या Gravity Hill का रहस्य इस रहस्यमयी जगह को लेकर कई तरह के कारण बताए जाते हैं: 1. Optical Illusion (दृष्टि भ्रम) वैज्ञानिकों के अनुसार यह एक optical illusion है, जिसमें सड़क का ढलान नीचे की ओर होता है लेकिन हमें ऊपर की ओर लगता है। 2. Magnetic Effect (चुंबकीय प्रभाव) कुछ लोग मानते हैं कि यहां जमीन के अंदर चुंबकीय शक्ति है, जो गाड़ियों को अपनी ओर खींचती है। 3. Local Beliefs (स्थानीय मान्यता) स्थानीय लोगों के अनुसार यह जगह दैवीय शक्ति से जुड़ी हुई है।     Mainpat में Ulta Pani को कई नामों से […] - [महिषासुर मर्दिनी मंदिर चैतुरगढ़ कोरबा छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ का कश्मीर और ऐतिहासिक किला](https://www.cginfo.in/chaiturgarh-%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): Chaiturgarh : चैतुरगढ़ ( लाफागढ़ ) कोरबा शहर से करीब 70 किलोमीटर और बिलासपुर – कोरबा मार्ग पर स्थित पाली से 25 किलोमीटर उत्तर की ओर 3060 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित है। यह छत्तीसगढ़ के प्रमुख ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में से एक है और इसे छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। यह क्षेत्र अनुपम अलौकिक और प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर एक दुर्गम स्थान है। यह राजा पृथ्वीदेव प्रथम द्वारा बनाया गया था। पुरातत्वविदों ने इसे मजबूत प्राकृतिक किलो में शामिल किया है, क्योकि यह चारों ओर से मजबूत प्राकृतिक दीवारों से संरक्षित है केवल कुछ स्थानों पर […] - [कोटमी सोनार क्रोकोडाइल पार्क अकलतरा : Kotmi Sonar Janjgir Chhattisgarh](https://www.cginfo.in/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%b2-%e0%a4%aa/):   छत्तीसगढ़ पर्यटन स्थल : Tourism Palaces Of Chhattisgarh Kotmi Sonar The Crocodile Park : छत्तीसगढ़ के जांजगीर- चाम्पा जिले के अकलतरा विकासखण्ड के ग्राम – कोटमीसोनार में स्थित क्रोकोडाईल पार्क जो मगरमच्‍छो के संरक्षण के लिए बनाया गया हैं यहां साइंस पार्क, एनर्जी पार्क, ऑडीटोरियम आदि बनाया गया हैं इस संरक्षण केंद्र में 200 मगरमच्छ हैं। राज्य सरकार के पर्यटन विभाग ने इस केंद्र को पर्यटन स्थलों में शामिल किया है। यहां आने वाले देसी-विदेशी सैलानियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।     कोटमीसोनार क्रोकोडाईल पार्क का मेन गेट  बनावट – मगरमच्छ संरक्षण केंद्र का विस्तार 200 एकड़ […] ## Pages - [इतिहास](https://www.cginfo.in/%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/) - [का्ग](https://www.cginfo.in/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a5%8d%e0%a4%97/) - [Full Width](https://www.cginfo.in/full-width/): Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. 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