आखिर क्या हो रहा है आज के युवाओ को क्यों कर रहे खुदकुशी? : एक लड़की ने तेलीबांधा तालाब में दी जान, तीन साल में 2600 ने की खुदकुशी, इनमें 1900 लड़के, ज्यादातर ने प्यार में धोखा खाया, what is happening, why are today's youth committing suicide?



Suicide Case in Chhattisgarh: तेलीबांधा तालाब में रविवार सुबह सहेली के साथ बैठकर बातचीत कर रही लड़की ने अचानक छलांग लगा दी। उसे नजदीक के अस्पताल ले गए। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक पड़ताल के बाद पुलिस ने बताया कि युवती के किसी परिचित की मौत हो गई थी। इससे वह बहुत दुखी थी। वह परेशान चल रही थी।

पुलिस ने बताया कि गांधी नगर निवासी संध्या क्षत्रिय (17) रविवार सुबह 11 बजे अपने सहेली के साथ तेलीबांधा तालाब गई थी। दोनों बातचीत कर रहे थे। अचानक संध्या ने तालाब में छलांग लगा दी। पुलिस के अनुसार खुदकुशी की वजह पता नहीं चल पाई है। परिजनों का बयान नहीं हुआ है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि लड़की कई दिनों से परेशान चल रही थी। उसके किसी परिचित की एक्सीडेंट में मौत हो गई है, जिससे वह बहुत दुखी थी।


सुसाइड पर एक नजर:-

फांसी के केस ज्यादा: राजधानी में पिछले साढ़े तीन साल में 2600 लोगों ने छोटी-छोटी बातों में मौत को गला लगा लिया। इसमें 54 फीसदी यानी 1400 युवक-युवतियों ने सिर्फ प्यार में अपनी जान दे दी। सबसे ज्यादा फांसी लगाने की घटनाएं सामने आई है।

लड़कों की संख्या ज्यादा है: रायपुर में 2019 से मई 2022 तक 2600 लोगों ने खुदकुशी की है। इसमें 1900 लड़के हैं। इसमें 1313 लड़कों ने फांसी लगाकर जान दे दी। इसमें भी अधिकांश अविवाहित थे, जिन्हें प्यार में धोखा मिला। कुछ लड़कों ने पसंद की युवती से शादी नहीं होने के कारण अपने जान दे दी। वहीं लड़कियों की संख्या 700 से ज्यादा है। ( आत्महत्या करने वालों में ज्यादातर लड़के-लड़कियां 20-30 साल की उम्र के बीच )

प्रताड़ना भी: 140 महिलाओं ने आत्मदाह किया: तीन सालों में 140 युवती व महिलाओं ने आत्मदाह किया है। इसमें 55 फीसदी विवाहित महिलाएं हैं, जिन्होंने प्रताड़ना या घरेलू विवाद में खुदकुशी कर ली। पुलिस ने बताया कि ज्यादातर नवविवाहित घरेलू विवाद की वजह से इस तरह का कदम उठाते हैं। महिलाएं अपने बच्चों की हत्या करने के बाद भी खुदकुशी कर रही हैं। नवा रायपुर और तिल्दा में इस तरह की घटनाएं हो चुकी है।

ये हैं वजह: प्रेम संबंध, आर्थिक तंगी, कर्ज: ज्यादातर मामलो में प्रेम संबंध, पति-पत्नी का विवाद, ससुराल या घरेलू विवाद, आर्थिक तंगी, कर्ज या प्रताड़ना ही वजह सामने आई है। नाबालिगों में पढ़ाई, परीक्षा में फेल होना या मामूली विवाद है। कोई बड़ी वजह नहीं है, जिसके लिए जान दी जाए। लोगों में धैर्य की कमी, माता-पिता से कम्यूनिकेशन गेप, अच्छे दोस्त की कमी, घर का माहौल खुदकुशी की बढ़ी वजह बनता जा रहा है।

ये रास्ता चुना: 60 फीसदी ने फांसी लगाई: खुदकुशी करने वाले 55 फीसदी युवकों ने प्रेम संबंध में जान दी है। वहां 25 फीसदी ने आर्थिक तंगी और 15 फीसदी ने घरेलू विवाद में खुदकुशी की है। 5 फीसदी युवकों के खुदकुशी के पीछे अन्य कारण है। खुदकुशी करने वालों में नाबालिग भी शामिल हैं। खुदकुशी करने वाले में 60 फीसदी फांसी लगाते हैं, 20 फीसदी जहर खाते हैं, 10 फीसदी आत्मदाह, 5 फीसदी ने पानी में डूबकर जान दी।

चर्चा से दूर करें समस्या: एसएसपी: लोग परेशान है तो उसे लेकर परिजनों से दोस्तों, शिक्षकों से चर्चा करें। डॉक्टर या काउंसलर की मदद लेवे। क्योंकि समस्या कभी इतनी बड़ी नहीं होती, जिसके लिए जान दिया जा सके। हर समस्या, परेशान का उपाय है। लोगों को धैर्य और साहस रखना चाहिए। परेशानी आने पर उसका सामना करना चाहिए। खुदकुशी जैसा स्टेप नहीं उठाना चाहिए।-प्रशांत अग्रवाल, एसएसपी रायपुर

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